मैहर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उस समय अलग माहौल बन गया, जब जिले की प्रभारी मंत्री राधा सिंह ने नगर पालिका अध्यक्ष गीता सोनी के पति संतोष सोनी का नाम लिए बिना नहीं, बल्कि सीधे संबोधित करते हुए महिला नेतृत्व को लेकर नसीहत दी। मंत्री की टिप्पणी के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच इसकी चर्चा शुरू हो गई।
अपने संबोधन के दौरान प्रभारी मंत्री राधा सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका में आगे लाना है, लेकिन कई बार उनके परिवार के लोग ही उन्हें पीछे कर देते हैं। उन्होंने संतोष सोनी की ओर इशारा करते हुए कहा कि जब नगर पालिका अध्यक्ष उनकी पत्नी हैं तो सार्वजनिक कार्यक्रमों और अध्यक्ष के लिए निर्धारित स्थानों पर भी उन्हें ही प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
मंत्री ने कहा हम महिलाओं को आगे लाना चाहते हैं, लेकिन फिर उन्हें पीछे कर दिया जाता है। यह ठीक नहीं है।
प्रभारी मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि वह स्वयं मंत्री हैं तो क्या अपने पति को प्रभारी जिले में भेज दें और कहें कि वे ही सारी जिम्मेदारी संभालें? उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता। जिस पद पर जनता ने किसी महिला को चुना है, उस पद की जिम्मेदारी और सम्मान भी उसी महिला को मिलना चाहिए।
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अपने संबोधन के अंत में मंत्री ने संतोष सोनी से कहा कि वे अपनी पत्नी को सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ने का पूरा अवसर दें। उन्होंने कहा, लसरकार ने हमारी बहन को बाहर निकाला है, नेतृत्व की जिम्मेदारी दी है, इसलिए उन्हें आगे आने दीजिए। उनके स्थान पर स्वयं आगे मत आइए।
प्रभारी मंत्री का यह बयान कार्यक्रम के बाद पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इसे महिला सशक्तिकरण और निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों की स्वतंत्र भूमिका को लेकर दिया गया स्पष्ट संदेश माना। हालांकि, इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष गीता सोनी या उनके पति संतोष सोनी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।