रायसेन के बेगमगंज सहित ग्रामीण अंचल के कई गांवों में रविवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली और भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत के साथ आफत भी दे गई। करीब आधे घंटे तक चली तेज आंधी और मूसलधार बारिश ने चारों ओर पानी ही पानी कर दिया। तेज हवाओं से कई गरीबों के घरों और दुकानों के छप्पर उड़ गए, वहीं कृषि उपज मंडी प्रांगण और खरीदी केंद्रों पर खुले में रखा हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया।
शाम को अचानक काले बादल घिरे और देखते ही देखते तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। बेगमगंज, सुल्तानगंज, गैरतगंज और आसपास के गांवों में सड़कों पर पानी भर गया। तापमान में गिरावट से लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली, लेकिन किसानों और व्यापारियों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं। सबसे ज्यादा नुकसान कृषि उपज मंडी बेगमगंज में हुआ।
खरीदी के बाद व्यापारियों द्वारा खुले में ढेर लगाकर रखा गया गेहूं तेज बारिश में पूरी तरह भीग गया। सरकारी समर्थन मूल्य खरीदी केंद्रों पर तुलाई का इंतजार कर रहा किसानों का गेहूं भी पानी में तर हो गया। जिन किसानों की उपज खलिहानों में नीचे रखी थी या ट्रैक्टर ट्रॉली में खुली पड़ी थी, वह भी भीगकर खराब होने की कगार पर पहुंच गई।
किसानों और व्यापारियों को सबसे ज्यादा डर गेहूं की चमक फीकी पड़ने का है। बारिश में भीगने से दाने पर दाग लग जाते हैं और गुणवत्ता घट जाती है। गुणवत्ता गिरने पर समर्थन मूल्य तो दूर, बाजार में भी उचित दाम नहीं मिलते। एक व्यापारी ने बताया कि भीगा हुआ गेहूं सुखाने में कई दिन लगेंगे और तब तक उसमें फफूंद लगने का खतरा बढ़ जाएगा। बारिश शुरू होते ही मंडी प्रांगण और खरीदी केंद्रों पर अफरा-तफरी मच गई। किसान और व्यापारी तिरपाल, प्लास्टिक और बोरियां लेकर भीग रहे गेहूं को ढकने के लिए भागते दिखे। कई जगह मजदूर पानी में भीगते हुए गेहूं के ढेर को सुरक्षित स्थान पर ले जाते नजर आए। लेकिन तेज बारिश के आगे सारे इंतजाम नाकाफी साबित हुए।
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आंधी का असर खेत-खलिहान तक ही सीमित नहीं रहा। बेगमगंज के वार्ड 12 और 15 में कई कच्चे मकानों के छप्पर उड़ गए। साप्ताहिक बाजार में लगी अस्थाई दुकानों का सामान भीग गया। एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि छप्पर उड़ने से घर का सारा अनाज भीग गया और रात खुले आसमान के नीचे काटनी पड़ी। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी दी है। यदि बारिश का दौर जारी रहा तो भीगे गेहूं के पूरी तरह खराब होने की आशंका है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि जितना जल्दी हो सके गेहूं को धूप में सुखाएं और नमी की जांच कराएं।
किसानों का कहना है कि खरीदी केंद्रों पर तिरपाल और शेड की पर्याप्त व्यवस्था न होने से हर साल बारिश में गेहूं भीगता है। आधा घंटे की बारिश ने एक तरफ गर्मी से राहत दी तो दूसरी तरफ अन्नदाता की मेहनत पर पानी फेर दिया।