प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपना पक्का घर बनाने का सपना देख रहे एक दिव्यांग दंपती के सामने दबंगई बड़ी बाधा बन गई है। सीहोर जिले की दोराहा तहसील के ग्राम पीपलखेड़ा में रहने वाले दिव्यांग सुखवेंद्र दांगी ने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोग उनकी जमीन पर बन रहे प्रधानमंत्री आवास का निर्माण जबरन रुकवा रहे हैं। विरोध करने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। परेशान होकर मंगलवार को पीड़ित अपने पूरे परिवार के साथ कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में पहुंचा और अतिरिक्त कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई।
पहली किस्त से कराया निर्माण, फिर रोक दिया काम
सुखवेंद्र दांगी ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये मिले थे। इस राशि से उन्होंने मकान की नींव, फाउंडेशन और बीम-कॉलम का कार्य पूरा कराया। इसके बाद जब आगे का निर्माण शुरू कराया गया तो गांव के कुछ लोग लाठी-डंडों के साथ मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने निर्माण कार्य बंद करा दिया और मजदूरों को धमकाकर वहां से भगा दिया, जिसके बाद काम पूरी तरह ठप हो गया।
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दिव्यांग दंपती ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित ने प्रशासन को दिए आवेदन में बताया कि वह और उनकी पत्नी दोनों दिव्यांग हैं। इसके बावजूद उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। आरोप है कि गांव के 7 से 8 लोगों का एक समूह उनके वैध निर्माण में बाधा डाल रहा है। इतना ही नहीं, विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है, जिससे पूरा परिवार भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है।
भू-माफियाओं पर पुराने मामलों का भी दावा
सुखवेंद्र दांगी का आरोप है कि जिन लोगों द्वारा उन्हें परेशान किया जा रहा है, उनका भूमि विवादों और अन्य मामलों से जुड़ा आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। उन्होंने प्रशासन को बताया कि संबंधित लोगों के खिलाफ पूर्व में भी भूमि संबंधी कई प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। इसी प्रभाव के चलते वे खुलेआम धमकियां दे रहे हैं और अधिकारियों को गलत जानकारी देकर कार्रवाई प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
'बारिश में छत भी नसीब नहीं होने दे रहे'
जनसुनवाई के दौरान सुखवेंद्र दांगी ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिला मकान ही उनके परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद है, लेकिन कुछ लोग उन्हें उसमें भी रहने नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में उनका परिवार बिना पक्की छत के रहने को मजबूर है और यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो उनका सपना अधूरा रह जाएगा। उन्होंने शासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने और निर्माण कार्य निर्बाध रूप से पूरा कराने की मांग की।
प्रशासन ने जांच और कार्रवाई का दिया भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त कलेक्टर बृजेश सक्सेना ने शिकायत को तत्काल संज्ञान में लिया। प्रशासन ने राजस्व विभाग और दोराहा थाना पुलिस को संयुक्त रूप से जांच करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो सरकारी योजना में बाधा डालने और धमकी देने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि दिव्यांग परिवार सुरक्षित माहौल में अपना प्रधानमंत्री आवास निर्माण पूरा कर सके।