शहडोल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 में अचानक बीती रात उस समय हड़कम मच गया, जब एक यात्री का हाथ बोतल क्रेस मशीन में फंस गया। 3 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद मशीन को कटर से कटवाया गया, तब कहीं जाकर यात्री की जान बच पाई, लेकिन उसका हाथ का पंजा कटवाना पड़ा। रेस्क्यू के दौरान आरपीएफ प्रभारी एवं जीआरपी का दल एवं रेलवे के डॉक्टर मौजूद रहे।
आरपीएफ ने बताया कि उमरिया जिले के मानपुर का रहने वाला सत्यम गुप्ता (25) शहडोल से महेंद्रगढ़ जाने के लिए रीवा चिरमिरी से यात्रा करने के लिए उसने शहडोल रेलवे स्टेशन से महेंद्रगढ़ तक की टिकट ली थी। वह ट्रेन का इंतजार कर रहा था, तभी वह अपने हाथ में एक बोतल रखा हुआ था, जिसे उसने क्रेस मशीन में डाला होगा, इस दौरान उसका हाथ उस मशीन में अंदर फस गया। आरपीएफ के अनुसार सत्यम नशे में था। घटना के बाद उसने चीखना चिल्लाना शुरू किया। इसके बाद आसपास खड़े यात्री मौके पर पहुंचे और सत्यम के हाथ को मशीन से निकालने की कोशिश की गई, लेकिन लोगों की कोशिश नाकाम रही।
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रात्रि में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर रेलवे पुलिस के जवान गश्त कर रहे थे। यात्रियों ने इसकी जानकारी रेलवे के पुलिस कर्मियों को दी, जिसके बाद आरपीएफ थाना प्रभारी मनीष तिवारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और रेलवे के टेक्निकल स्टाफ को भी बुलाया गया। मशीन को चाबी से खोला गया, लेकिन सत्यम का हाथ का पंजा मशीन में फंसा रह गया था, जिसे निकलना नामुमकिन था। इसके बाद टेक्निकल स्टाफ ने मशीन को कटर से काट कर यात्री की जान बचाई है।