टीकमगढ़ जिले के जतारा स्थित शासकीय वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास में अव्यवस्थाओं और अधीक्षिका के कथित व्यवहार को लेकर छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर छात्रावास में भोजन की खराब गुणवत्ता, साफ-सफाई की बदहाल स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था में कमी, स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव तथा छात्रावास के संचालन में अनियमितताओं की शिकायत की है। साथ ही उन्होंने अधीक्षिका को हटाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
छात्राओं का कहना है कि उन्हें लंबे समय से गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं मिल रहा है और छात्रावास में स्वच्छता का भी अभाव है। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने के कारण छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, जिससे उन्हें रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि अधीक्षिका का व्यवहार उनके प्रति उचित नहीं है, जिससे छात्रावास का माहौल प्रभावित हो रहा है।
मामले की जानकारी मिलते ही जतारा विधायक हरिशंकर खटीक छात्रावास पहुंचे और छात्राओं से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। छात्राओं ने विधायक के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। छात्राओं की शिकायतें सुनने के बाद विधायक ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही।
विधायक हरिशंकर खटीक ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर सुविधाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। छात्रावास जैसी संस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों की गंभीरता से जांच कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि छात्राओं को बेहतर वातावरण और आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।
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विधायक के हस्तक्षेप के बाद आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक भी छात्रावास पहुंचे। उन्होंने छात्राओं से अलग-अलग बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं और भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जिला संयोजक ने कहा कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल छात्राओं को प्रशासनिक जांच से न्याय की उम्मीद है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि छात्राओं की शिकायतों का समाधान किस प्रकार किया जाता है।