टीकमगढ़ जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय में शुक्रवार को सागर लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहा था। कार्रवाई के बाद सीएमएचओ कार्यालय में हड़कंप मच गया और लोकायुक्त की टीम देर तक दस्तावेजों की जांच एवं पूछताछ में जुटी रही।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अरविंद राजपूत एवं नरेंद्र ने सागर लोकायुक्त से शिकायत की थी कि स्वास्थ्य विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद लोकायुक्त ने शुक्रवार को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी एमपीडब्ल्यू देशराज घोष को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी देशराज घोष की पदस्थापना टीकमगढ़ जिले के बड़ागांव में एमपीडब्ल्यू के पद पर है, लेकिन उसे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. अनुरागी के कार्यालय में अटैच किया गया था। लोकायुक्त टीम ने रिश्वत की राशि बरामद कर आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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सूत्र यह भी बताते हैं कि आरोपी पर नियुक्तियों के नाम पर कई लोगों से अवैध वसूली करने के आरोप हैं। चर्चा है कि उसने करीब 20 से 25 लोगों से राशि की उगाही की है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और लोकायुक्त द्वारा जांच जारी है।
खबर लिखे जाने तक सागर लोकायुक्त की टीम सीएमएचओ कार्यालय में मौजूद रही और आवश्यक दस्तावेजों की जांच के साथ संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूछताछ कर रही थी। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है तथा जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।