उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा के कार्यालय पर सोमवार को बड़ी संख्या में मालवीय समाज के लोग पहुंचे, जिन्होंने गांव में मंदिर निर्माण का विरोध कर रहे व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। समाज के लोगों ने बताया कि उक्त शख्स भगवान की पूजा अर्चना करने से रोकता है और उसके द्वारा मंदिर में रखी भैरू महाराज की प्रतिमा को भी फेंक दिया गया।
गांव के लोगों ने यहां आने के पहले माकड़ौन थाने में भी प्रकरण दर्ज करवाने का प्रयास किया था लेकिन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की बजाय थाने पहुंचे दो लोगों के खिलाफ ही कार्रवाई कर दी।
प्रभुलाल और जगदीश मालवीय ने बताया कि गांव में वर्षों पुराना भैरू महाराज का मंदिर है जो की सिंदल परिवार की जमीन पर है। इस मंदिर पर वर्षों से समाजजन भगवान का पूजन अर्चन करने आते रहे हैं। कुछ दिनों पहले मंदिर की जर्जर हालत को देखते हुए समाजजनों ने कुछ रुपया एकत्रित किया।
ये भी पढ़ें- काला हिरण शिकार कांड: भोपाल के रास्ते मुंबई में होती थी मांस की सप्लाई, अब STF खंगालेगी शिकारियों का नेटवर्क
इस मंदिर को ठीक से बनाना शुरू किया था। मंदिर का निर्माण होते समय तो सुरेश पिता रामचंद्र सिंदल और उनके परिवार में कोई आपत्ति नहीं ली लेकिन बाद में यह लोग न सिर्फ मंदिर निर्माण का विरोध करने लगे बल्कि इन्होंने मंदिर में स्थापित भैरव महाराज की प्रतिमा को भी उठाकर फेंक दिया और पूजा पाठ करने वाले पुजारी शंकर पिता सिद्धा को भी पूजा करने से मना कर दिया।
आरोप है कि सुरेश के द्वारा मंदिर की सीढ़ियां भी तोड़ दी गई। इस मामले में सुरेश के द्वारा मंदिर निर्माण के लिये आपत्ति लेने व मंदिर को तोड़ने का प्रयास करने की शिकायत ग्रामीण लोगों द्वारा थाना माकड़ोन में पूर्व में की जा चुकी थी।