विदिशा जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली, सिविल लाइन और गंजबासौदा पुलिस की संयुक्त टीम ने स्मैक तस्करी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। करीब डेढ़ से दो महीने तक चली गहन जांच और निगरानी के बाद इस नेटवर्क को ध्वस्त किया गया।
पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस कार्रवाई में स्पेशल टास्क फोर्स की अहम भूमिका रही। टीम ने न केवल स्थानीय स्तर पर स्मैक बेचने वालों को पकड़ा, बल्कि सप्लाई चेन के मुख्य सरगना तक भी पहुंच बनाई। मुख्य आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था।
एसपी के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से करीब 1 करोड़ 21 लाख रुपये का मशरूखा जब्त किया गया है। इसमें लगभग 92 ग्राम स्मैक के अलावा तस्करी में इस्तेमाल हो रही महंगी गाड़ियां मर्सिडीज और अर्टिगा भी शामिल हैं। इन वाहनों का उपयोग सप्लाई को सुरक्षित और तेज बनाने के लिए किया जाता था, ताकि किसी को शक न हो।
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जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से काम करते थे। वे मोबाइल फोन के जरिए ग्राहकों से संपर्क करते, ऑनलाइन भुगतान लेने के बाद सार्वजनिक स्थानों पर स्मैक की डिलीवरी देते थे। इसी तरीके से वे लंबे समय तक पुलिस की नजरों से बचते रहे।
इस पूरे ऑपरेशन में करीब 40 पुलिसकर्मियों की विशेष टीम शामिल रही, जिन्होंने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से गिरोह के हर सदस्य तक पहुंच बनाई। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं, जिनकी जांच जारी है और इससे और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
एसपी रोहित काशवानी ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रहा था। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा और ऐसे तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।