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पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य जतिंदर सिंह शंटी पहुंचे पठानकोट
पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य पद्म श्री जतिंदर सिंह शंटी दोपहर बाद पठानकोट पहुंचे। जहां सबसे पहले पंजाब पुलिस की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ आनर दिया। उपरांत उनकी ओर से मानवाधिकारों संबंधी उपाय को जमीनी स्तर पर अन्य तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। इसके बाद जतिंदर सिंह द्वारा जिला प्रबंधकीय कांपलेक्स पठानकोट में जिला प्रशासनिक अधिकारियों, सिविल व पुलिस अधिकारियों, समाज सेवी संस्थाओं के नुमाइंदो, पंचों-सरपंचों पर मानवाधिकार प्रति काम कर रही ज्त्थेबंदियों से मीटिंग की गई। जतिंदर सिंह ने कहा कि मानवाधिकार की उल्लंघना किसी भी सूरत में बर्दाशत नहीं की जाएगी। पंजाब राज मानवाधिकार कमीशन द्वारा राज्य में मानवाधिकार की सुरक्षा और उल्लंघना के मामलों को गंभीरता से लेते हुए नियंत्रत कार्रवाई की जाती है। कमीशन का मुख्य उद्देश्य है प्रत्येक नागरिक को संविधान अनुसार प्राप्त मौलिक अधिकारों की पूरी सुरक्षा मिले और किसी के साथ गलत ना हो। कमीशन द्वारा मानवाधिकार की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की जा रही है जिसमें मानवीय भलाई लिए नए कानून लाए जा रहे है। गत दिवस जारी की गई एडवाइजरी में लिखा है कि कोई भी अस्पताल मरीज की मौत उपरांत अस्पताल का बिल ना देने के मामलों में शव को रख नहीं सकता और संबंधित परिवार काे शव देना जरूरी है। जारी एडवाइजरी के बोर्ड भी अस्पतालों में लगाए जाएंगे। ठेकेदारों के लिए यह जरूरी किया गया है कि सफाई कर्मचारियों को अस्पताल में दस्ताने, कपड़े, मास्क व बीमा सुविधा मुहैया करवाएगा। इमरजेंसी केसों में 112 नंबर निकट पीसीआर की पायलट एंबुलेंस के आगे चलेगी। कमीशन द्वारा प्रत्येक जिले में 15-15 व्यक्तियों का कोर ग्रुप बनाया जा रहा है जो मानवाधिकार की सुरक्षा के लिए काम करेंगे और कमीशन से संबंधित शिकायतों को ध्यान में लाएंगे। यह सदस्य गैर सियासी होंगे और 19 फरवरी तक पत्र देकर लगाया जा सकता है। 28 फरवरी को पंजाब में कोर ग्रुप की सूची जारी कर दी जाएगी। कहा कि अगर मानवाधिकार की उल्लंघना होती है तो इसके प्रति लिखित शिकायत कमीशन को दी जाए। जिस पर दो दिनों में यकीनन कार्रवाई होगी। इस संबंधी लिखित शिकायत वाट्सएप नंबर 9855475547 पर दी जाए। उपरांत समाज सेवी संस्थाओं और पंच-सरपंचों ने अपनी मुश्किलें बताई। जिनकों संबंधित विभाग द्वारा हल करने का आश्वासन दिया गया।
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