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जगरांव: रेत खनन को लेकर हंगामा, चार गांवों के लोगों ने बंद करवाईं पोकलेन मशीनें
सिधवां बेट क्षेत्र के अंतर्गत सतलुज नदी के किनारे स्थित गांव खहिरा बेट में उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब बड़ी संख्या में ग्रामीणों और विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के नेताओं ने रेत खनन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। लोगों ने आरोप लगाया कि बिना मंजूरी के अवैध खनन किया जा रहा है। सतलुज नदी के भीतर चल रही दो पोकलेन मशीनें भी दिखाई गईं, जो पानी के अंदर से रेत निकालने का काम कर रही थीं।
प्रदर्शनकारियों ने मौके पर मौजूद कुछ लोगों को ठेकेदार बताते हुए उनसे रेत खनन से संबंधित वैध दस्तावेज दिखाने को कहा, लेकिन वे कोई भी कागजात पेश नहीं कर सके। नेताओं ने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा पोकलेन मशीनों से रेत खनन पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है, तो फिर खहिरा बेट के पास यह खनन किसकी अनुमति से किया जा रहा है।
चार गांवों की एकजुटता से रुका अवैध खनन
पूर्व विधायक कुलदीप सिंह वैद, कांग्रेस नेता मनजीत सिंह हम्बड़ां, कामरेड रविंदरपाल सिंह राजू, नगर कौंसिल जगराओं के पूर्व प्रधान जतिंदरपाल राणा, पूर्व सरपंच हरदीप सिंह लक्की, सरपंच गुरप्रीत सिंह ढेसी, एडवोकेट गुरदेव सिंह नूरपुर बेट, पूर्व सरपंच भूपिंदरपाल सिंह चावला, राजिंदर सिंह गोरसियां सहित कई नेताओं ने बताया कि चार गांवों के लोगों ने एकजुट होकर पोकलेन मशीनों को बंद करवाया।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में दोबारा यहां पोकलेन मशीनों या किसी अन्य तरीके से अवैध खनन किया गया, तो पूरा इलाका एकजुट होकर विरोध करेगा और किसी भी कीमत पर गैरकानूनी खनन नहीं होने दिया जाएगा।
अवैध खनन से गांवों के अस्तित्व पर खतरा
ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के अवैध रेत खनन से सतलुज से सटे गांवों के अस्तित्व पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। हाल ही में आई बाढ़ के दौरान कई लोगों की जमीनें नदी में समा गई थीं, जिसका मुख्य कारण अवैध खनन बताया गया। इसी को लेकर गांववासियों में भारी रोष पाया जा रहा है।
तीखी बहस और तनावपूर्ण स्थिति
मौके पर कामरेड रविंदरपाल सिंह राजू और पूर्व सरपंच हरदीप सिंह लक्की की कथित ठेकेदारों के साथ तीखी बहस भी हुई, जिससे कुछ समय के लिए माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और लोगों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को संभालते हुए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह वैद ने तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों को फोन कर मामले की जानकारी दी। प्रशासन की ओर से जांच कर अवैध रेत खनन बंद करवाने का आश्वासन दिए जाने के बाद ही गांववासी शांत हुए। लोगों का विरोध बढ़ता देख कथित ठेकेदार पोकलेन मशीनों सहित मौके से फरार हो गए।
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