शहर के दाऊदपुर फाटक क्षेत्र में सोमवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब करीब दो लाख लीटर क्षमता वाली जर्जर पानी की टंकी का ऊपरी हिस्सा अचानक ढह गया। टंकी का भारी मलबा नीचे स्थित हनुमान मंदिर की छत पर गिरा, जिससे मंदिर को नुकसान पहुंचा। गनीमत रही कि घटना के समय मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं थी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों और मंदिर समिति का आरोप है कि यह हादसा जलदाय विभाग (PHED) की लापरवाही का परिणाम है। मंदिर के पुजारी गगन शर्मा ने बताया कि टंकी की जर्जर स्थिति को लेकर करीब छह महीने पहले विभाग को लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया था कि पास से ट्रेन गुजरने पर पूरी टंकी हिलती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सोमवार शाम करीब 4 बजे अचानक तेज आवाज के साथ टंकी का ऊपरी हिस्सा और आसपास का ढांचा टूटकर नीचे गिर गया।
ये भी पढ़ें: मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के छापे में बड़ा खुलासा: नमक के अपशिष्ट से बन रही थी पोटाश; किसानों से ठगी का आरोप
हादसे के बाद भी टंकी का कुछ हिस्सा सरियों के सहारे लटका हुआ है, जिससे आसपास के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। क्षेत्र में घनी आबादी और बाजार होने के कारण किसी भी समय बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एहतियातन क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए स्थिति पर नजर बनाए रखी है।
वहीं इस घटना के बाद जलदाय विभाग की कार्यप्रणाली और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने जर्जर टंकियों और सार्वजनिक संरचनाओं की तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।