अलवर जिले में एनईबी थाना और डीएसटी टीम ने साइबर ठगी के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनसे 50 सिम, 13 मोबाइल और एक थार गाड़ी जब्त की है। इसके अलावा इन आरोपियों से 20 हजार 800 रुपये नकद जब्त किए गए हैं।
अलवर सीओ सिटी अंगद शर्मा ने बताया कि मुखबिर से यह सूचना मिली थी कि बजरंग पूरा के पास कुछ लोग सिम कार्ड का बड़े पैमाने पर आदान-प्रदान कर रहे हैं। इस सूचना पर एनईबी की टीम जिसका नेतृत्व अजय कर रहे थे और डीएसटी की टीम जिसका नेतृत्व हरलाल कर रहे थे। दोनों ने मिलकर वहां दबिश दी और चार लोगों को गिरफ्तार किया। डीएसपी अंगद शर्मा ने बताया कि बताया कि यह सूचना सुबह करीब 11 बजे मुखबिर के जरिए पुलिस को मिली थी। सूचना के अनुसार, हनुमान सर्किल के पास एक थार गाड़ी में कुछ युवक मोबाइल सिम का आदान-प्रदान करने का काम कर रहे हैं, जो संदिग्ध हैं।
सूचना के बाद डीएसटी सहित NEB थाना पुलिस ने टीम गठित कर कार्रवाई को अंजाम दिया।पुलिस ने यह कार्रवाई करीब ग्यारह से बारह बजे के दौरान की। इस कार्रवाई में पुलिस टीम द्वारा चार लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से 50 सिम ,13 मोबाइल, 20,800 कैस और एक थार गाड़ी को जब्त किया गया। पूछताछ में पता लगा कि आसाम से सिम मंगवाई गई थी, जिनसे अलग-अलग मामले से ठगी कर USDT क्रिप्टोकरेंसी में पैसे लगाने का काम करते हैं। इन चारों मुख्य आरोपियो में वसीम खान, वारिस खान और उनके साथी राघवेंद्र और शोएब हैं, जिनको पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों से अभी और भी गहनता से पूछताछ की जा रही है कि ये चारो साइबर ठग अभी तक कितने की ठगी कर चुके हैं।
इन आरोपियों ने बताया कि ये सिम कार्ड असम से मंगवाकर यहां के साइबर ठगों को बेचते हैं या खुद इस्तेमाल करते हैं। आसाम से महज छह सौ रुपये में सिम मंगवाई जाती थी, जो भारी मात्रा में आती थी। उसके बाद पूरे अलवर और हरियाणा तक साइबर ठगों को इन सिमों की सप्लाई की जाती थी। डीएसपी अंगद शर्मा ने बताया कि यह अपराध भी साइबर ठगी की श्रेणी में ही आते हैं और इनके खिलाफ साइबर शील्ड ऑपरेशन और अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।