अलवर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है। कभी मुख्यमंत्री, कभी डिप्टी सीएम तो कभी पूर्व विधायकों को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, लेकिन सरकार की इंटेलिजेंस एजेंसियां नाकाम साबित हो रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है मानो सरकार नहीं, बल्कि सर्कस चल रहा है।
टीकाराम जूली ने कहा कि बीजेपी के नेता जमकर ‘माल सूत’ रहे हैं। जो नेता मंदिरों की बातें करते हैं, वही मंदिर माफी की जमीनें हड़पने में लगे हैं। प्रशासन अवैध खनन कराने में व्यस्त है और जनता की कोई सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में बिजली विभाग मनमाने तरीके से पंचायतों के कनेक्शन काट रहा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल संकट को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय ईआरसीपी का काम शुरू किया गया था, जिससे प्रदेश को पर्याप्त पानी मिल सकता था लेकिन बीजेपी सरकार की धीमी कार्यशैली के कारण इसमें अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि जब प्रदेश के बड़े नेताओं को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, मंदिर की जमीनों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं, अवैध खनन और प्लॉटिंग धड़ल्ले से जारी है तो सरकार और उसकी इंटेलिजेंस एजेंसी आखिर क्या कर रही है?
टीकाराम जूली ने सीएम की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि बजट की कोई कमी नहीं है लेकिन पंचायतों को बजट ही नहीं मिल रहा। सरपंचों के चुनाव तक नहीं कराए जा रहे हैं। उन्होंने विधानसभा में भी अपनी बात रखने में रोके जाने पर आपत्ति जताई और कहा कि जिस तरह संसद में राहुल गांधी को बोलने से रोका जाता है, वैसे ही राजस्थान विधानसभा में उन्हें भी अपनी बात नहीं रखने दी जाती।
उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में हर तरफ लूट-खसोट का माहौल है और जनता बेहाल है। अगर सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आम जनता खुद इसका जवाब देगी।