कांग्रेस के पूर्व विधायक मेवाराम जैन की पार्टी में वापसी के दो दिन बाद ही बाड़मेर शहर में विवाद खड़ा हो गया। शनिवार सुबह शहरभर में आपत्तिजनक पोस्टर और बैनर लगाए जाने से माहौल गर्मा गया। इन पोस्टरों में मेवाराम जैन के कथित अश्लील वीडियो के स्क्रीनशॉट के साथ आपत्तिजनक टिप्पणियां लिखी गई थीं, जिनमें ‘बाड़मेर हुआ शर्मसार’ और ‘बलात्कारी हमें स्वीकार नहीं’ जैसे वाक्य प्रमुख रूप से दर्ज थे। साथ ही इन पर ‘जिला कांग्रेस कमेटी बाड़मेर-जैसलमेर-बालोतरा’ का नाम भी लिखा गया था।
नगर परिषद ने हटाए पोस्टर
पोस्टरों की सूचना मिलते ही नगर परिषद की टीम हरकत में आई और शहरभर से इन्हें हटाने का अभियान शुरू कर दिया। नगर परिषद आयुक्त श्रवणसिंह राजावत ने बताया कि जैसे ही मामला सामने आया, सभी बैनर और होर्डिंग हटवा दिए गए।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने जताई अनभिज्ञता
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष गफूर अहमद ने कहा कि उन्हें इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने पोस्टरों को लेकर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार किया। इस घटना को लेकर पूर्व विधायक मेवाराम जैन की ओर से कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पूर्व उपसभापति सुल्तान सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने जैन की कथित अश्लील तस्वीरों को एडिट कर पोस्टर और बैनर बनाए और उन्हें बाड़मेर व बालोतरा में लगाया। इस संबंध में पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है।
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पृष्ठभूमि: विवाद और वापसी
गौरतलब है कि दिसंबर 2023 में पूर्व विधायक मेवाराम जैन पर पोक्सो सहित कई धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद उनका एक कथित अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके चलते प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने उन्हें 6 जनवरी 2024 को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। हालांकि लंबे समय तक प्रयासों के बाद 25 सितंबर 2025 को कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने उन्हें ज्वाइनिंग लेटर सौंपते हुए पार्टी में वापस शामिल कर लिया।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शहर में इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
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