राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण उत्पन्न एलपीजी और पेट्रोल संकट को लेकर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भाग लेते हुए सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आपदा या संकट की घड़ी में विपक्ष सरकार के साथ खड़ा है, क्योंकि ऐसे समय में राजनीति नहीं बल्कि जनहित सर्वोपरि होना चाहिए।
बैठक के दौरान जूली ने महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम थीं, तब सरकार और तेल कंपनियों ने पर्याप्त मुनाफा कमाया था। ऐसे में वर्तमान स्थिति में टैक्स और स्पेशल सेस में कटौती कर जनता को राहत दी जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कीमतों में वृद्धि की गई तो महंगाई बेकाबू हो सकती है और आम आदमी की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ेगा।
जूली ने जनता में किसी भी प्रकार की घबराहट को रोकने के लिए पारदर्शिता को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को राज्य में गैस, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की मांग, आपूर्ति और उपलब्ध स्टॉक की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। इससे अफवाहों पर रोक लगेगी और जनता का विश्वास बना रहेगा।
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इसके अलावा, उन्होंने गैस सिलिंडरों की कमी पर भी चिंता जताई और कहा कि इसका असर शादियों, होटलों, हॉस्टलों और उद्योगों तक देखने को मिल रहा है। उन्होंने PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) व्यवस्था में देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि संबंधित फाइलें और NOC लंबे समय तक क्यों अटकी रहीं। उन्होंने मांग की कि इस प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
अंत में जूली ने दोहराया कि विपक्ष जनता की समस्याओं को मजबूती से उठाता रहेगा और जनहित के हर मुद्दे पर सकारात्मक सहयोग देगा। साथ ही उन्होंने सरकार से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि आम लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।