जयपुर में रिफाइनरी और मेट्रो परियोजनाओं को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के विकास को जान-बूझकर रोका गया। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के बयानों को भ्रामक बताते हुए कहा कि पचपदरा रिफाइनरी परियोजना कांग्रेस सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है।
जूली के अनुसार रिफाइनरी का शिलान्यास वर्ष 2013 में कांग्रेस शासन के दौरान हुआ था लेकिन उसके बाद आई भाजपा सरकार ने राजनीतिक कारणों से इस परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया। उनका दावा है कि यदि उस समय कार्य नहीं रोका जाता तो यह परियोजना समय पर पूरी हो जाती और इसकी लागत में आई भारी वृद्धि से बचा जा सकता था। वर्तमान में इसकी लागत लगभग दोगुनी होकर 80 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने का जिम्मेदार उन्होंने भाजपा को ठहराया।
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उन्होंने कहा कि दिसंबर 2018 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद रिफाइनरी कार्य को फिर से गति दी गई और तेजी से काम आगे बढ़ाया गया। जूली ने आरोप लगाया कि अब जब परियोजना पूर्णता के करीब है, भाजपा इसका श्रेय लेने की कोशिश कर रही है, जबकि वास्तविक काम कांग्रेस के कार्यकाल में हुआ।
जयपुर मेट्रो को लेकर भी उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा। उनका कहना है कि मेट्रो का विचार, योजना और क्रियान्वयन कांग्रेस सरकार की देन है लेकिन भाजपा ने इसे बार-बार बाधित किया। उन्होंने इसे अटकाने, लटकाने और भटकाने की राजनीति करार दिया।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी रिफाइनरी परियोजना को 'इंतजारशास्त्र का सबसे बड़ा उदाहरण' बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार के कारण इसमें सात साल की देरी हुई। उन्होंने 21 अप्रैल को प्रस्तावित उद्घाटन को सकारात्मक बताया लेकिन साथ ही पेट्रो केमिकल जोन के विकास और स्थानीय व्यापारियों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया।