जालौर जिले में मानसून की दस्तक के साथ ही शनिवार और रविवार को कई इलाकों में रिमझिम से लेकर तेज बारिश हुई। खासकर चांदना-भेटाला क्षेत्र में रविवार को हुई भारी बारिश के बाद खारी नदी उफान पर आ गई, जिससे नदी का बहाव इतना तेज हो गया कि रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। नदी के तेज बहाव ने खासकर पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ा दीं, जो सैकड़ों भेड़-बकरियों के साथ नदी पार करने की कोशिश में जुटे दिखे। कुछ पशु तेज बहाव के बीच फंस भी गए, जिन्हें ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह पशुपालक जान जोखिम में डालकर अपने पशुओं को नदी पार करवा रहे हैं।
पिछले दो-तीन दिनों से जिले में सक्रिय हुए मानसून के चलते कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। वहीं, खारी नदी के उफान के कारण वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मार्ग बंद होने से कई वाहन घंटों तक फंसे रहे। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि खारी नदी पर अब तक पुल का निर्माण नहीं हो पाया है, जबकि यह मार्ग जोधपुर, जयपुर समेत अन्य शहरों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण रास्ता है। ग्रामीणों ने बताया कि हर साल बारिश में यही स्थिति बनती है, जिससे न सिर्फ लोगों को परेशानी होती है, बल्कि पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
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गुजरात, मध्य प्रदेश, उदयपुर और मालवा से लौटने वाले पशुपालक भी इसी रास्ते से गुजरते हैं, जिन्हें बारिश के दौरान खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों और पशुपालकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस बार केवल आश्वासन न दिया जाए, बल्कि खारी नदी पर स्थायी पुल का निर्माण जल्द से जल्द शुरू किया जाए, ताकि हर साल दोहराई जाने वाली इस स्थिति से राहत मिल सके।