झालावाड़ जिले के भालता थाना क्षेत्र में पदस्थ कांस्टेबल अशोक विश्नोई का अपराधियों के साथ संबंध उस समय भारी पड़ गया, जब उनके विवाह समारोह में लंबी दूरी तय करके आपराधिक छवि वाले लोग शामिल हुए। गंभीर आरोपों की पुष्टि के बाद जिला पुलिस अधीक्षक, झालावाड़ ने कांस्टेबल अशोक विश्नोई को राज्य सेवा से बर्खास्त कर दिया।
'शादी में शामिल हुए थे कई अपराधी'
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि कुछ दिन पूर्व एक गोपनीय परिवाद प्राप्त हुआ, जिसमें आरोप लगाया गया था कि भालता थाने में तैनात कांस्टेबल अशोक विश्नोई के विवाह समारोह में 1 और 2 फरवरी को झालावाड़ और मध्यप्रदेश के कई तस्कर एवं सक्रिय अपराधी शामिल हुए थे। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए इस प्रकरण की जांच पिड़ावा डिप्टी को सौंपी गई।
जांच में सच पाया गया आरोप
जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और अन्य प्रमाणों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि विवाह समारोह में तस्करों सहित कुल आठ सक्रिय अपराधी मौजूद थे। यह समारोह झालावाड़ से 500 किलोमीटर दूर नागौर में आयोजित किया गया था। इस तथ्य से यह प्रमाणित हुआ कि संबंधित पुलिसकर्मी का आचरण पुलिस सेवा के मूल्यों और आचार संहिता के प्रतिकूल है।
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शादी में मौजूद था पप्पू तंवर
एसपी ने आगे बताया कि विशेष रूप से यह भी सामने आया कि समारोह में पप्पू तंवर भी उपस्थित थे। इसके विरुद्ध पूर्व में वन विभाग ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी और उनकी अन्य संपत्ति को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68 के तहत अवैध अर्जित संपत्ति होने के कारण फ्रीज किया गया था। पुलिस बल की साख, निष्पक्षता और सार्वजनिक विश्वास को सर्वोपरि रखते हुए, अपराधियों से किसी भी प्रकार की मिलीभगत को शून्य सहनशीलता के तहत देखते हुए यह कठोर निर्णय लिया गया है।