झालावाड़ पुलिस ने रोडवेज बस स्टैंडों पर सक्रिय एक संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यह गिरोह परिचालकों से ब्लैकमेलिंग, धमकी और अवैध वसूली करके रोडवेज उड़नदस्ते की जानकारी वसूला करता था। 'ऑपरेशन क्लीन राइड' के तहत झालावाड़ पुलिस ने इस एसटीडी (STD) गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो राज्य के कई जिलों में सक्रिय था और जिससे रोडवेज को कुछ स्थानों पर 40 प्रतिशत तक राजस्व हानि हो रही थी।
आठ आरोपी गिरफ्तार
पुलिस कार्रवाई में गिरोह के सरगना सहित कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान लग्जरी वाहन, 11 लाख 57 हजार रुपये नकद, लैपटॉप, मोबाइल फोन और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किया गया।
कैसे काम करता था गिरोह?
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि गिरोह के सदस्य रोडवेज बस परिचालकों को धमकाकर या ब्लैकमेल करके उड़नदस्ते की जानकारी जुटाते थे। इसके एवज में प्रतिदिन प्रति परिचालक 50 से 200 रुपये की वसूली की जाती थी। परिचालक बिना टिकट यात्रा कराकर निगम को राजस्व हानि पहुंचाते थे। यह गिरोह वर्षों से सक्रिय था और एसटीडी पीसीओ प्रचलन में होने के समय से परिचालकों को विजिलेंस टीम की सूचना देने के लिए इसी नाम से जाना जाता है।
पूर्व में दर्ज प्रकरण
पुलिस ने बताया कि गिरोह के खिलाफ पहले भी कई प्रकरण दर्ज हैं। इसमें रोडवेज परिचालकों को धमकाकर रिमार्क लगवाना, नौकरी से हटाने की धमकी, मारपीट और उड़नदस्तों की सूचना व्हाट्सएप ग्रुपों में साझा करने जैसी घटनाएं शामिल हैं। वर्ष 2022 में तत्कालिक यातायात प्रबंधक के साथ मारपीट और जातिसूचक अपमान का प्रकरण भी पुलिस थाना मंडावर में दर्ज हुआ था और न्यायालय में विचाराधीन है।
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पुलिस कार्रवाई से राहत
झालावाड़ पुलिस की इस कार्रवाई से रोडवेज प्रशासन को बड़ी राहत मिली है। पुलिस ने कहा कि भविष्य में ऐसी अवैध गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।