Jodhpur News: दिल्ली पुलिस और बनाड़ थाना की संयुक्त टीम ने हेड कांस्टेबल (मिनिस्टीरियल) भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा में रिमोट डेस्कटॉप एप्लिकेशन के जरिए अभ्यर्थियों को अनुचित सहायता देने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस उपायुक्त जोधपुर पूर्व, पी.डी. नित्या ने बताया कि खोखरिया, बनाड़ रोड स्थित एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षा में गड़बड़ी की गोपनीय सूचना मिली थी। इस पर पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई की गई।
चुनिंदा अभ्यर्थियों को दी जा रही थी सहायता
जांच में सामने आया कि एसएससी द्वारा ‘Eduquity’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित दिल्ली पुलिस हेड कांस्टेबल (मिनिस्टीरियल) भर्ती परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र पर रिमोट डेस्कटॉप एप्लिकेशन के जरिए चुनिंदा अभ्यर्थियों को बाहर से सहायता दी जा रही थी।
पैसे के बदले कर रहे थे मदद
मौके पर पेमाराम पुत्र सिमर्था राम, निवासी नागौर, जो स्वयं को सेंटर सुपरिंटेंडेंट और लैब का मालिक बता रहा था, संदिग्ध पाया गया। पूछताछ में उसके पास अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड और बातचीत के साक्ष्य मिले, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि पैसों के बदले अभ्यर्थियों को अनुचित सहायता दी जा रही थी। इसके अलावा नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर बताने वाला सांवला राम पुत्र किशन राम, निवासी जालोर और महेन्द्र पुत्र भंवरलाल, निवासी खोखरिया की गतिविधियां भी संदिग्ध पाई गईं।
आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई
तीनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस थाना बनाड़ में प्रकरण संख्या 17/2026 दर्ज की गई है। आरोपियों पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट 2024 के तहत कार्रवाई की गई है।
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पूछताछ जारी
पुलिस ने बताया कि आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले की जांच आईपीएस प्रतीक कर रहे हैं।