शहर की मंडोर कृषि मंडी में गुरुवार सुबह से व्यापारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल सरकार द्वारा गैर-अधिसूचित कृषि जिंक और खाद्य पदार्थों पर 0.50 प्रति सैकड़ा यूजर चार्ज लगाने के विरोध में की जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि यह निर्णय न केवल अनुचित है, बल्कि इससे व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और आम उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि इस शुल्क को लागू करने से पहले उनसे कोई बातचीत नहीं की गई और न ही उनकी राय जानी गई। उनका मानना है कि अचानक इस तरह का चार्ज लगाना गलत है और इससे महंगाई में इजाफा होगा। हड़ताल के पहले दिन मंडी में पूरी तरह से सन्नाटा देखने को मिला। सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान, दलालों के दफ्तर और परिवहन सेवाएं ठप रहीं।
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जोधपुर कृषि मंडी व्यापार संघ के सचिव धर्मेंद्र भंडारी ने जानकारी दी कि मंडी में कार्यरत व्यापारी, दलाल, ट्रांसपोर्ट संचालक और अन्य सभी संबंधित वर्ग इस हड़ताल में एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा लेकिन जब तक सरकार उनकी मांगें स्वीकार नहीं करती और यूजर चार्ज वापस नहीं लेती, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी।
भंडारी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन का दायरा और बढ़ाया जाएगा और जिले के अन्य व्यापारिक केंद्रों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ व्यापारियों का मामला नहीं है, बल्कि किसानों और उपभोक्ताओं से भी सीधा जुड़ा है, क्योंकि शुल्क का असर वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा। व्यापारियों ने सरकार से तुरंत इस निर्णय को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, विरोध जारी रहेगा।