केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में रेलवे विभाग को पर्याप्त आवंटन दिया गया है। रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने रेल बजट 2026-27 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस बार राजस्थान को रेल बजट में 10 हजार करोड़ रुपए मिले हैं, जो कांग्रेस सरकार के समय मिलने वाले बजट से लगभग 15 गुना अधिक है।
'राजस्थान में चल रहे 56 हजार करोड़ रुपए के रेल प्रोजेक्ट्स'
वर्तमान में राजस्थान में कुल 56 हजार करोड़ रुपए के रेल प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। रेल मंत्री ने बताया कि राज्य में रेल लाइन इलेक्ट्रीफिकेशन का काम लगभग पूरा हो चुका है और शेष कार्य जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। विभिन्न स्टेशनों पर वेटिंग रूम के साथ-साथ 12 मीटर के फूटओवर ब्रिज (FOB) बनाए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर आसानी से जाने की सुविधा मिल सके।
'कोटा मंडल में चल रहा 7 हजार करोड़ का विकास कार्य'
वहीं, कोटा रेल मंडल के डीआरएम अनिल कालरा ने बताया कि उनके क्षेत्र में कुल 7 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, जिनमें हर साल 800 से 900 करोड़ रुपए विकास कार्य पर खर्च किए जा रहे हैं। कोटा रेल मंडल में कई स्टेशनों का पुनर्निर्माण और विकास किया जा रहा है। विशेष रूप से कोटा रेलवे स्टेशन और डकनिया (न्यू कोटा) रेलवे स्टेशन पर बड़े पैमाने पर विकास कार्य हो रहा है। डकनिया स्टेशन का कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है और मार्च तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा मंडल के 17 अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी विकास कार्य जारी है।
कोटा मंडल में 'कवच' सुरक्षा प्रणाली लागू
डीआरएम ने यह भी बताया कि कोटा रेल मंडल देश का पहला ऐसा मंडल बन गया है, जहां 'कवच' सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है। यही कारण है कि उच्च गति वाली ट्रेनों के ट्रायल के लिए कोटा रेल मंडल को चुना जाता है। हाल ही में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का 180 किमी प्रति घंटे की गति से ट्रायल कोटा रेल मंडल में किया गया। आने वाले समय में, इन विकास कार्यों के पूरा होने के बाद, कोटा रेल मंडल में ट्रेनें 160 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ सकेंगी।
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रेलवे बोर्ड को भेजे गए अहम सुझाव
डीआरएम ने बताया कि कई ऐसी ट्रेनें, जो कोरोना काल में बंद हुई थीं, उन्हें फिर से चालू कराने के लिए रेलवे बोर्ड को सुझाव भेजे गए हैं। इसके अलावा, रामगंजमंडी से श्योपुर तक नई रेलवे लाइन के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है। कोटा रेल मंडल के यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे हर संभव प्रयास कर रहा है।