राजस्थान के कोटा जिले की रामगंजमंडी में शनिवार की देर रात एक भावनात्मक और सामाजिक रूप से अहम घटना देखने को मिली। बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री, जो वर्तमान में रामगंजमंडी में श्री राम कथा कर रहे हैं, ने अपने द्वारा किए गए वचन का पालन करते हुए वार्ड नंबर 3 रामगंजमंडी में रहने वाली दो बहनों, भावना राठौड़ और खुशबू राठौड़, के घर चाय पीने का वादा पूरा किया।
कथा के दौरान दोनों बहनों ने आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को अपना भाई बनाने की इच्छा जताई और राखी बांधकर उनसे निवेदन किया कि वह उनके घर चाय पीने आएं। आचार्य शास्त्री ने भी अपनी बहनों को यह वचन दिया कि रामगंजमंडी में तीन दिन रहने के दौरान वह उनके घर जरूर आएंगे। शनिवार रात को उन्होंने यह वचन निभाते हुए दोनों बहनों के घर पहुंचकर उनसे मुलाकात की।
इससे पहले आचार्य धीरेंद्र शास्त्री शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के घर भी गए, जहां उनके परिवारजन से मिले और आशीर्वाद दिया। इसके बाद रामगंजमंडी लौटकर उन्होंने भावना और खुशबू राठौड़ के घर देर रात चाय पी। भावना ने कहा, "मुझे विश्वास था कि मेरे भाई मेरे घर जरूर आएंगे और अपना वादा निभाएंगे।" भावना और खुशबू ने बताया कि उनके परिवार में कोई भाई नहीं है, इसलिए उन्होंने आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को राखी बांधकर अपना भाई बनाया।
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भावना और खुशबू के माता-पिता, लालचंद राठौर और हेमलता राठौर ने बताया कि बेटियों की यह इच्छा अक्सर होती थी, लेकिन उन्हें विश्वास नहीं था कि यह संभव होगा। उन्होंने कई बार बेटियों को समझाया था कि आचार्य शास्त्री कभी उनके घर चाय पीने नहीं आएंगे।
आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने खुशबू के सिर पर हाथ फेरते हुए कहा, "आज से हम तुम्हारे भाई हैं, भाई की कमी कभी महसूस मत करना।" आचार्य जी ने लगभग आधे घंटे तक दोनों बहनों के घर रहकर चाय पी और माता-पिता व उपस्थित अन्य परिजनों से हालचाल पूछा। इसके बाद उन्होंने दोनों बहनों को बागेश्वर धाम आने का निमंत्रण भी दिया। साथ ही, आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने भावना और खुशबू के पिता लालचंद राठौर को बागेश्वर धाम की ओर से एक कूपन भी प्रदान किया। इस दौरान शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर भी उपस्थित थे।