भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़ ने ‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को सशक्त करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति निर्माता और नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करेगा।
कोटपूतली-बहरोड़ जिले के एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राठौड़ ने कहा कि जब तक समाज की आधी आबादी को समान भागीदारी नहीं मिलेगी, तब तक देश का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महिलाओं की भूमिका को निर्णायक बताया।
राठौड़ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद महिलाओं के आरक्षण को लेकर गंभीर प्रयास नहीं किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला नेतृत्व होने के बावजूद इस दिशा में ठोस पहल का अभाव रहा।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के बाद राज्य सरकार ने इसे प्राथमिकता में रखा है। मुख्यमंत्री के पदभार संभालने के बाद महिला सुरक्षा को मुख्य एजेंडा बनाया गया और अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए गए। उन्होंने दावा किया कि राज्य में महिला अपराधों में कमी लाने के प्रयास किए गए हैं।
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केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए राठौड़ ने कहा कि ‘लखपति दीदी’ जैसी पहल से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से मजबूत महिलाएं समाज में अधिक सुरक्षित भी होती हैं।
राठौड़ ने बताया कि पिछले वर्षों में महिलाओं के उत्थान के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं, जिससे उनकी सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी में लगातार वृद्धि हो रही है। भाजपा संगठन भी जमीनी स्तर पर महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले विधानसभा चुनावों में बड़ी संख्या में महिलाएं भाग लेंगी, जिससे लोकतंत्र और अधिक सशक्त होगा और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका और प्रभाव बढ़ेगा।