गणतंत्र दिवस से ठीक एक दिन पहले नागौर जिले में सामने आए अवैध विस्फोटक भंडारण मामले ने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। करीब 10 हजार किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट की बरामदगी के आरोपी सुलेमान खान की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे अजमेर स्थित राजकीय पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय (JLN Hospital) के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया है।
आरोपी की हालत बिगड़ने के बाद भी मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए (National Investigation Agency), गृह मंत्रालय की स्पेशल टीम, और खुफिया एजेंसियों ने नागौर में डेरा डाल दिया है। आरोपी के स्वस्थ होने के बाद उससे दोबारा गहन पूछताछ की जाएगी।
बताया जा रहा है कि थांवला थाना पुलिस, जिला स्पेशल टीम (DST) और अन्य स्थानीय एजेंसियों ने 24 जनवरी 2026 को संयुक्त कार्रवाई करते हुए हरसौर गांव (देशवाली निवासी) सुलेमान खान के खेत में बने फार्महाउस से
9,550 से 10,000 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, डेटोनेटर और नीले व लाल रंग के फ्यूज वायर सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की थी। इतनी बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट का अवैध भंडारण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माना जा रहा है।
आरोपी से पूछताछ के दौरान बिगड़ी तबीयत
इस खुलासे के बाद एनआईए, गृह मंत्रालय की स्पेशल टीम और खुफिया विभाग की टीमें आरोपी के घर व अन्य संबंधित ठिकानों पर पहुंचीं। पूछताछ के दौरान ही आरोपी सुलेमान खान की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद थांवला थाना पुलिस ने उसे तत्काल अजमेर रेफर किया। चिकित्सकों ने हालत गंभीर बताते हुए उसे आईसीयू में भर्ती किया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि स्वास्थ्य में सुधार होते ही आरोपी से दोबारा पूछताछ की जाएगी।
आरोपी के साथी से पूछताछ जारी
इस मामले में आरोपी के साथी बलवंत सिंह को भी केंद्रीय एजेंसियों ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बलवंत सिंह के पास पहले विस्फोटक का वैध लाइसेंस था और सुलेमान उसी के यहां नौकरी करता था। बताया जा रहा है कि सुलेमान ने पहले छोटे स्तर पर अवैध धंधा शुरू किया, बाद में बलवंत के साथ मिलकर बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया। हालांकि बलवंत ने कुछ महीने पहले यह काम छोड़ दिया था।
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अवैध खनन से जुड़ा नेटवर्क होने की आशंका
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इलाके में भारी अवैध खनन चल रहा है और सुलेमान खान मुख्य रूप से खनन माफिया और खदान मालिकों को अवैध विस्फोटक सप्लाई करता था। गुप्त सूत्रों के मुताबिक फिलहाल किसी आतंकी या बम विस्फोट की साजिश के ठोस सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रहीं।
राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
गणतंत्र दिवस से ठीक पहले हुई इस जब्ती को लेकर सुरक्षा एजेंसियां इसे संभावित बड़ी साजिश के एंगल से भी जांच रही हैं। अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल पहले कई बड़े धमाकों में हो चुका है, इसी कारण मामला अब राष्ट्रीय स्तर की जांच के दायरे में आ गया है। फिलहाल पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन और संभावित कनेक्शनों की गहन जांच में जुटी हुई हैं।