परिवारिक रिश्तों में दरार और लालच की एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां 70 वर्षीय पिता ने अपने ही बेटे पर धोखाधड़ी, जालसाजी और संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है। ग्राम अलाय निवासी रमजान पुत्र हाजी सुलेमान ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नागौर की अदालत में बेटे हनीफ के खिलाफ परिवाद दायर कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
2015 में बेटे के नाम किया था दुकान और मकान
रमजान ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1990 में ग्राम अलाय के मेन बाजार में लगभग 1069.6 वर्ग फीट भूमि खरीदी थी। इस भूमि पर उन्होंने चार दुकानें बनवाईं और संपत्ति पर पूर्ण स्वामित्व कायम रखा। वर्ष 2015 में पिता ने पारिवारिक जिम्मेदारियों और उदारता के तहत अपने बेटे हनीफ को 1897.40 वर्ग फीट भूमि दान स्वरूप दे दी, जिसमें तीन दुकानें और एक आवासीय मकान शामिल थे।
बेटे ने कोर्ट में पेश किया फर्जी दस्तावेज
परिवादी का आरोप है कि दान के बावजूद हनीफ की मंशा खराब निकली। वर्ष 2016 में निर्माण कार्य के दौरान हनीफ ने पिता की एक दुकान में सामान रखने की अनुमति मांगी, लेकिन काम पूरा होने के बाद भी दुकान खाली नहीं की और जबरन कब्जा बनाए रखा। रमजान का कहना है कि बेटे ने सिविल न्यायालय, नागौर में दीवानी वाद दायर कर उनके जाली हस्ताक्षर वाले कूटरचित दस्तावेज पेश किए। आरोप है कि हनीफ ने मात्र ₹100 के स्टाम्प पेपर का दुरुपयोग कर पुरानी तारीख वाला फर्जी दस्तावेज तैयार किया और उसे असली बताकर अदालत में प्रस्तुत किया। यह कथित जालसाजी संपत्ति हड़पने की साजिश का हिस्सा मानी जा रही है।
ये भी पढ़ें:
हनुमानगढ़ में 4 दिन बैंक रहेंगे बंद, अभी निपटा ले जरूरी काम, जानें कर्मचारी क्यों करेंगे हड़ताल?
बेटे पर कार्रवाई की मांग
रमजान ने इस मामले की शिकायत पहले थाना श्रीबालाजी में दर्ज कराई और बाद में पुलिस अधीक्षक, नागौर के समक्ष भी परिवाद प्रस्तुत किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस की निष्क्रियता से निराश होकर अब उन्होंने न्यायालय का रुख किया। परिवाद में हनीफ के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (कूटरचना), 471 (जाली दस्तावेज का उपयोग) और 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।