नागौर जिले के मकराना विधानसभा क्षेत्र में उस वक्त माहौल गरमा गया जब एक सड़क लोकार्पण समारोह के दौरान मंच पर ही कांग्रेस विधायक और पूर्व भाजपा विधायक आपस में उलझ पड़े। यह पूरा वाकया PWD मंत्री डॉ. मंजू बाघमार की उपस्थिति में हुआ, जिसके वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, यह मामला मकराना के बरवाली गांव में आयोजित सड़क लोकार्पण समारोह का है। जहां राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. मंजू बाघमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थीं। मंच पर मकराना के वर्तमान कांग्रेस विधायक जाकिर हुसैन गैसावत और पूर्व भाजपा विधायक श्रीराम भींचर भी शामिल थे। समारोह की शुरुआत तो सामान्य रूप से हुई, लेकिन जैसे ही विकास कार्यों के श्रेय को लेकर चर्चा शुरू हुई, तो माहौल पूरी तरह से बदल गया।
विकास कार्यों की सिफारिश को लेकर शुरू हुआ विवाद
समारोह के दौरान कांग्रेस विधायक गैसावत ने भाषण देते हुए कहा कि किसी भी विधानसभा क्षेत्र में विकास के लिए कोई भी जनप्रतिनिधि सिफारिश कर सकता है। लेकिन अंतिम निर्णय विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचित विधायक के प्रस्ताव पर ही होता है। इसी बात पर पूर्व विधायक श्रीराम भींचर ने बीच में टोकते हुए कहा कि किसी को गुमराह मत करो, जिससे माहौल एकाएक गरमा गया।
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इस टिप्पणी पर विधायक गैसावत भड़क गए और मंच पर ही श्रीराम भींचर की ओर उंगली उठाते हुए बोले कि तू किसको बोल रहा है? झूठी बकवास मत करो। जब तुमने भाषण दिया तो मैंने कुछ कहा क्या? गैसावत ने आगे कहा कि देखो, इस कार्यक्रम में राजनीति मत करो और बैठ जाओ, आप गुमराह कर रहे हो।
इस बहस में श्रीराम भींचर भी पीछे नहीं हटे और अपनी कुर्सी से उठकर जवाब देने लगे। इस दौरान मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर किसी तरह दोनों को शांत किया। लेकिन मंच पर तू-तू मैं-मैं का यह दृश्य मंत्री की मौजूदगी में ही हुआ, जिससे समूचा कार्यक्रम विवादित हो गया।
‘मेरे प्रस्ताव पर स्वीकृत हुई सड़क’
मकराना विधायक जाकिर हुसैन गैसावत ने दावा किया कि इस सड़क का प्रस्ताव उन्होंने मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के तहत भेजा था। उन्होंने बताया कि सरकार ने हर विधायक को दस-दस सड़कें स्वीकृत करने की घोषणा की थी, जिसके तहत यह सड़क भी उनके प्रस्ताव पर स्वीकृत हुई थी। उन्होंने कहा कि मैंने केवल सच्चाई बोली, लेकिन पूर्व विधायक को यह बात नागवार गुजरी और वे टोका-टाकी करने लगे।
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पूर्व विधायक का पलटवार
दूसरी ओर, पूर्व विधायक श्रीराम भींचर ने इसका खंडन कर कहा कि यह सड़क उस वक्त स्वीकृत हुई थी जब विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी सुनीता भींचर ने इसका प्रस्ताव उपमुख्यमंत्री को भेजा था। उन्होंने इसे मिक्सिंग लिस्ट का हिस्सा बताते हुए कहा कि विकास कार्यों की सिफारिश उस वक्त भाजपा संगठन द्वारा की गई थी। तब सीएम भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया था कि भाजपा प्रत्याशी ही सरकार का प्रतिनिधि माने जाएंगे, चाहे वे चुनाव जीतें या हारें।
लोकार्पण की गई सड़कें
विवाद के बावजूद समारोह में कुल सात सड़कों का लोकार्पण किया गया, जो क्षेत्र के विभिन्न गांवों को जोड़ने वाली हैं। इनमें बरवाली से चतुरदास जी महाराज के स्थान तक, झलामलिया से नून्दङा तक, मकराना बाईपास से जूसरिया तक, जसवंतपुरा से झलामलिया तक, झलामलिया से नून्दङा तक (एक और खंड), सरनावाङा से खिलेरियों की ढाणी तक और इंटावा लाखा से गिंगालिया तक शामिल हैं।