महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी द्वारा पूरे देश में “मनरेगा बचाओ महासंग्राम” अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत मंगलवार को सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय स्थित अंबेडकर सर्किल पर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से उपवास रखकर सांकेतिक धरना दिया गया। इस दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने भाजपा पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए जमकर निशाना साधा।
भाजपा पर मनरेगा को बंद करने की साजिश का आरोप
धरने को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं बामनवास विधायक इंदिरा मीणा ने कहा कि मनरेगा किसानों और मजदूरों के लिए जीवन रेखा रही है, लेकिन भाजपा की मोदी सरकार इसे बंद करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा का नाम बदलकर उसमें ऐसे प्रावधान जोड़ दिए गए हैं, जिससे यह योजना प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सके।
केंद्र-राज्य हिस्सेदारी में बदलाव पर सवाल
इंदिरा मीणा ने कहा कि पहले मनरेगा में 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करती थी, लेकिन अब राज्य सरकार पर 40 प्रतिशत खर्च का बोझ डाला जा रहा है। इससे राज्यों के लिए योजना को चलाना मुश्किल हो गया है।
दो साल में नहीं हुआ कोई काम
उन्होंने कहा कि सरकार के दो साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन जिले में मनरेगा का कोई भी कार्य संचालित नहीं हो रहा है, जो गरीब किसानों और मजदूरों पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने बदलाव के नाम पर न केवल योजना का नाम बदला, बल्कि उसकी मूल भावना और आत्मा को भी समाप्त कर दिया है।
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गांव-गांव चलाया जाएगा आंदोलन
जिलाध्यक्ष ने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी देशभर में मनरेगा बचाओ महासंग्राम अभियान चला रही है। इसके तहत सवाई माधोपुर में सांकेतिक उपवास और धरना आयोजित किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में कांग्रेस गांव-गांव और ढाणी-ढाणी जाकर आंदोलन को और तेज करेगी।