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शिमला: आईआईएएस में कांगड़ा कलम कला दीर्घा का उद्घाटन, 23 चित्रों में दिखेगी हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत
Ankesh Dogra
Updated Thu, 15 Oct 2026 11:59 AM IST
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भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (आईआईएएस), शिमला में वीरवार को राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कांगड़ा कलम कला दीर्घा का उद्घाटन किया। दीर्घा में 23 चित्र प्रदर्शित किए गए हैं, जिनके माध्यम से हिमाचल प्रदेश की लोक संस्कृति, ग्रामीण जीवन और पारंपरिक कला को दर्शाया गया है। इस अवसर पर राज्यपाल ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा का भी अनावरण किया।
कांगड़ा कलम कला दीर्घा में प्रदर्शित कलाकृतियां पहाड़ी लघु चित्रकला की समृद्ध परंपरा को सामने लाती हैं। इनमें लोक जीवन, ग्रामीण परिवेश और हिमाचल की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े विषयों को स्थान दिया गया है। दीर्घा का उद्देश्य प्रदेश की पारंपरिक चित्रकला को संरक्षित करने के साथ इसे कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों तक पहुंचाना है।
यह आयोजन संस्थान के हीरक जयंती समारोह के तहत किया गया। इसके माध्यम से भारतीय कला, संस्कृति और बौद्धिक परंपरा को बढ़ावा देने के साथ हिमाचल की पारंपरिक कलाओं को व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया गया है।
संस्थान में 15 से 19 जून तक आयोजित कला शिविर में छह कांगड़ा लघु चित्रकला कलाकारों और चंबा रूमाल कला के दो वरिष्ठ कलाकारों ने भाग लिया था। शिविर का विषय कांगड़ा लघु चित्रकला में लोक और ग्रामीण जीवन की छवियां था। इसमें कलाकारों ने हिमाचल की लोक परंपराओं और ग्रामीण परिवेश से प्रेरित कलाकृतियां तैयार की थीं।
कांगड़ा लघु चित्रकला अपनी बारीक रेखाओं, प्राकृतिक रंगों और सजीव चित्रांकन के लिए जानी जाती है। 23 चित्रों वाली यह दीर्घा दर्शकों को प्रदेश की पारंपरिक कला को एक ही स्थान पर देखने और समझने का अवसर प्रदान करेगी।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने 20 अक्तूबर 1965 को भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान का उद्घाटन किया था। वह प्रख्यात दार्शनिक, शिक्षाविद और देश के पूर्व राष्ट्रपति थे। उनकी प्रतिमा का अनावरण संस्थान के इतिहास और शैक्षणिक परंपरा से जुड़े महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
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