{"_id":"6a6c6997475efbe9b203b27b","slug":"video-shimla-municipal-corporation-meeting-ward-office-controversy-bjp-councillor-saroj-2026-07-31","type":"video","status":"publish","title_hn":"Shimla : वार्ड कार्यालयों को लेकर नगर निगम सदन में हंगामा, भाजपा पार्षद सरोज ने उठाए भेदभाव के आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla : वार्ड कार्यालयों को लेकर नगर निगम सदन में हंगामा, भाजपा पार्षद सरोज ने उठाए भेदभाव के आरोप
शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2026 02:53 PM IST
Link Copied
नगर निगम शिमला की सदन बैठक में शुक्रवार को वार्ड कार्यालयों के निर्माण का मुद्दा गरमा गया। भाजपा पार्षद सरोज ने निगम प्रशासन पर वार्डों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए सदन में जोरदार विरोध दर्ज कराया। इस दौरान सदन में कुछ समय के लिए माहौल भी गर्म हो गया और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के पार्षदों के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
भाजपा पार्षद सरोज ने कहा कि उनके वार्ड में आज तक एक भी वार्ड कार्यालय का निर्माण नहीं किया गया है, जबकि नगर निगम के कुछ अन्य वार्डों में दो-दो वार्ड कार्यालय बनाए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस आधार पर कुछ वार्डों को प्राथमिकता दी जा रही है और उनके वार्ड की लगातार अनदेखी क्यों की जा रही है।
उन्होंने कहा कि वार्ड कार्यालय स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान और निगम सेवाओं को घर-द्वार तक पहुंचाने के लिए जरूरी हैं। यदि किसी वार्ड में यह सुविधा ही उपलब्ध नहीं होगी तो वहां के लोगों को निगम के कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने निगम प्रशासन से सभी वार्डों के लिए समान नीति अपनाने और प्राथमिकता के आधार पर कार्यालयों का निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की।
सदन में इस मुद्दे को लेकर काफी देर तक चर्चा चली। विपक्षी पार्षदों ने भी वार्डों में विकास कार्यों और संसाधनों के समान वितरण का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि नगर निगम को राजनीतिक आधार पर नहीं बल्कि आवश्यकता और जनहित को ध्यान में रखते हुए फैसले लेने चाहिए।
भाजपा पार्षद सरोज ने चेतावनी दी कि यदि उनके वार्ड की लगातार अनदेखी की गई तो वे इस मुद्दे को और मजबूती से उठाएंगी। उन्होंने निगम प्रशासन से स्पष्ट जवाब देने की मांग की कि उनके वार्ड में वार्ड कार्यालय कब तक बनाया जाएगा।
वार्ड कार्यालयों के मुद्दे पर हुई इस बहस के बाद सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए तनावपूर्ण रही। हालांकि बाद में अन्य एजेंडों पर चर्चा शुरू हुई, लेकिन वार्ड कार्यालयों के निर्माण को लेकर उठे सवाल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर चर्चा का प्रमुख विषय बने रहे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।