{"_id":"6adb4bc235e95b9c72024815","slug":"video-video-aacaraya-janianacathara-thavavatha-bl-bhagavata-katha-ka-sharavanae-sa-malta-ha-aathhayatamaka-aanatha-2026-10-23","type":"video","status":"publish","title_hn":"Video: आचार्य ज्ञानचंद्र द्विवेदी बोले- भागवत कथा के श्रवण से मिलता है आध्यात्मिक आनंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Video: आचार्य ज्ञानचंद्र द्विवेदी बोले- भागवत कथा के श्रवण से मिलता है आध्यात्मिक आनंद
अयोध्या के पूरा बाजार में श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य को आध्यात्मिक शांति मिलती है और जीवन को नई दिशा प्राप्त होती है। श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान, कर्म और भक्ति का पावन संगम है। यह भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का अनमोल भंडार है। यह बातें कुम्हिया रसूलाबाद में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य ज्ञानचंद्र द्विवेदी ने कहीं।
उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास रचित श्रीमद्भागवत में वेदों के गूढ़ तत्वों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है। इसके 12 स्कंधों में वेद, शास्त्र और पुराणों के सार का समावेश है। कथा का श्रवण किसी सांसारिक फल की कामना से नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण भाव से करना चाहिए।
आचार्य ने राजा परीक्षित के जन्म, कलियुग के प्रभाव और भीष्म पितामह की स्तुति का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि ऋषि शमीक के अपमान पर उनके पुत्र श्रृंगी ने राजा परीक्षित को सातवें दिन तक्षक नाग के डसने का श्राप दिया था। इसके बाद राजा ने राजपाट का मोह त्यागकर गंगा तट पर शुकदेव जी से भागवत कथा सुनी। भीष्म पितामह की भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट भक्ति और समर्पण का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथा के अंत में मुख्य यजमान राजेंद्र बहादुर सिंह और शरद कुमार सिंह ने व्यास पीठ की आरती उतारी और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।