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VIDEO: स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर परिवारों की आय बढ़ाने पर मंथन
एटा के अलीगंज में गांवों में आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवारों को अब स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने की पहल की जा रही है। जो गरीब परिवार अभी तक समूहों की पहुंच से बाहर हैं, उन्हें चिह्नित कर समूह से जोड़ने के साथ ही जरूरत के अनुसार नए समूह भी बनाए जाएंगे। इसको लेकर गुरुवार को ब्लॉक परिसर में बैठक कर अभियान की प्रगति और आगे की कार्ययोजना पर मंथन किया गया। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक मिशन प्रबंधक प्रेम सिंह एवं गंगाधर ने की। इसमें हाउस होल्ड सैचुरेशन को अभियान का अहम हिस्सा बताते हुए गांव-गांव ऐसे परिवारों की पहचान करने पर जोर दिया गया, जो पात्र होने के बावजूद स्वयं सहायता समूह से नहीं जुड़े हैं। अधिकारियों ने कहा कि चिह्नांकन के बाद इन परिवारों को समूह की गतिविधियों से जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें आय बढ़ाने के अवसर मिल सकें। बैठक में समूहों से जुड़ी उन दीदियों का भी चिह्नांकन करने के निर्देश दिए गए, जिनकी आय एक लाख रुपये तक है। चिह्नित महिलाओं की पूरी जानकारी आजीविका रजिस्टर में दर्ज की जाएगी। यह काम बीपीआरपी के माध्यम से कराया जाएगा। इससे महिलाओं की आजीविका और आय से जुड़ी स्थिति का रिकॉर्ड तैयार हो सकेगा और आगे की योजनाओं का लाभ दिलाने में आसानी होगी। बैठक में ऐसे स्वयं सहायता समूहों की भी जानकारी जुटाई गई, जिन्हें अभी तक रिवॉल्विंग फंड नहीं मिल पाया है। अधिकारियों ने संबंधित समूहों की कटऑफ प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए, जिससे पात्र समूहों को नियमानुसार आरएफ का लाभ मिल सके। जीरो पावर्टी अभियान के तहत चिह्नित निर्धन परिवारों को केवल समूहों से जोड़ना ही नहीं, बल्कि उन्हें आय के साधनों से जोड़ने की तैयारी है। पात्र परिवारों को समूहों के माध्यम से रिवॉल्विंग फंड और सीआईएफ उपलब्ध कराया जाएगा। इससे परिवार छोटे स्तर पर आर्थिक गतिविधियां शुरू कर अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे। बैठक में समूह गठन, गरीब परिवारों के चिह्नांकन, नए समूह बनाने, आजीविका रजिस्टर में विवरण दर्ज करने और आरएफ से वंचित समूहों की प्रक्रिया पूरी कराने सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। इस दौरान समूह सखी रीता, क्रांति, संध्या, रश्मि, भावना शाक्य, रूबी शाक्य, सीमा, बबली, सुनेना और आजीविका सखी राजश्री समेत अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।
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