उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है। चुनाव के ऐलान से पहले सभी राजनीतिक दल अपने भाषणों और वादों से प्रदेश की जनता को लुभाने की कोशिश में हैं और खासतौर पर 2 वर्ग को… और वो है महिला और युवा…
उत्तर प्रदेश की चुनावी नब्ज को टटोलने के लिए अमर उजाला ने 45 दिन 45 जनपद और 6 हजार किलोमीटर की यात्रा पूरी की और लगभग हर इलाके की महिलाओं से उनके चुनावी मुद्दे समझने की कोशिश की। 45 दिनों में अमर उजाला ने आधी आबादी से चर्चा कार्यक्रम के जरिए महिलाओं से मौजूदा हालात और पिछली सरकारों से तुलनात्मक रुप से भी चर्चा की।
विकास, महंगाई, महिला सुरक्षा, साफ-सफाई, शिक्षा और रोजगार यह वो बड़े विषय थे जिन पर महिलाओं ने खुलकर अपनी बात रखी।
विकास पर चर्चा के दौरान उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में ज्यादातर महिलाओं ने योगी के साथ साथ प्रधानमंत्री मोदी का भी नाम लिया।
महंगाई के मुद्दे पर ज्यादातर महिलाओं के सुर एक साथ दिखे । पेट्रोल-डीजल, साग सब्जी और तेल आदि के महंगे होने पर सभी महिलाओं ने सरकार से ठोस कदम उठाने की बात कही।
महिला सुरक्षा को लेकर सभी जिलों की महिलाओं ने स्थिति पहले से बेहतर तो कही लेकिन सुधार की गुंजाइश भी बताई।
साफ सफाई पर भी महिलाओं ने पिछली सरकारों की तुलना में वर्तमान सरकार के कार्य को सराहा।
शिक्षा व्यवस्था और रोजगार पर सभी महिलाएं पारदर्शिता की बात करती दिखी। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और नौकरियों में घूस रोकने की बात लगभग हर जिले की महिलाओं ने कही।
अमर उजाला ने 45 जिलों में इन महिलाओं से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संदर्भ में भी सवाल किया और योगी और अखिलेश में ज्यादातर महिलाओं ने योगी आदित्यनाथ को बेहतर बताया।
स्वास्थ्य व्यवस्था के मसले पर ज्यादातर महिलाओं ने सुधार की बात कही लेकिन कई जिलों की महिलाओं ने सुधार से इंकार किया।
उत्तर प्रदेश की महिलाओं ने किसान आंदोलन पर भी खुलकर अपनी बात रखी। अमर उजाला के कार्यक्रम सत्ता के संग्राम में सभी महिलाओं ने किसान आंदोलन को मुद्दा चुनावी मुद्दा बताया।
सरकारी योजनाओं को लेकर महिलाओं ने कहा कि सरकार की योजनाएं तो बेहतर होती हैं लेकिन जमीन पर वो वैसे नहीं उतरते।
45 जनपद की यात्रा के बाद अमर उजाला नहीं पाया की ज्यादातर महिलाएं, शिक्षा व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार से और बेहतर और ठोस कदम चाहती हैं इसके अलावा महंगाई के मुद्दे पर भी इस बार महिलाएं वोट देते समय सोचेंगी।