Hindi News
›
Video
›
Uttarakhand
›
Nainital News
›
The purification pilgrimage in India has been suspended; the saints have resolved to resume it after obtaining permission from the Chief Minister
{"_id":"696a1745be725d650905c3ea","slug":"video-the-purification-pilgrimage-in-india-has-been-suspended-the-saints-have-resolved-to-resume-it-after-obtaining-permission-from-the-chief-minister-2026-01-16","type":"video","status":"publish","title_hn":"Nainital: भारत शुद्धिकरण यात्रा स्थगित, संतों ने मुख्यमंत्री की अनुमति के बाद फिर शुरू करने का संकल्प लिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nainital: भारत शुद्धिकरण यात्रा स्थगित, संतों ने मुख्यमंत्री की अनुमति के बाद फिर शुरू करने का संकल्प लिया
गायत्री जोशी
Updated Fri, 16 Jan 2026 04:17 PM IST
Link Copied
नैनीताल में बीते आठ दिनों से चल रही भारत शुद्धिकरण यात्रा नवें दिन बृहस्पतिवार को नैनीताल पहुंची। मल्लीताल पंत पार्क में यात्रा मार्ग को लेकर हुए विवाद के बाद पहले यात्रा में शामिल संंतों व अन्य ने एक घंटा सड़क पर बैठक कर विरोध जताया। इसके बाद भारत शुद्धिकरण यात्रा को स्थगित कर दिया गया। संतो ने लिया संकल्प लिया कि अब अब मुख्यमंत्री की अनुमति के बाद नैनीताल से फिर यात्रा की शुरूआत की जाएगी। संतो ने यहां खेल मैदान में बनाए गए मंच पर लोगों को भारत शुद्धिकरण यात्रा के बारे में बताया।
जगतगुरु चित्रगुप्ताचार्य डॉ. स्वामी सच्चिदानन्द के नेतृत्व में जागेश्वर, चितई गोलू मंदिर, अल्मोड़ा नंदा देवी, काकड़ीघाट, खैरना, कैंची नीम करौली बाबा मंदिर, भवाली होते हुए बृहस्पतिवार को नैनीताल पहुंची। यात्रा तल्लीताल डांठ से मॉलरोड होते हुए मल्लीताल पंत पार्क पहुंची। जहां संत व यात्री बाजार से जाने लगे लेकिन पुलिस उनसे नयना मंदिर द्वार से जाने को कहने लगे। इससे आक्रोषित संत मार्ग पर ही बैठ गए। हालांकि चौड़ा मार्ग होने के कारण वाहन संचालन सुचारू रहा। यहां डॉ. स्वामी सच्चिदानन्द ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने सनातन देश में सनातनियों का मार्ग रोका है। जबकि अल्मोड़ा, भवाली आदि स्थानों पर प्रशासन ने सहयोग किया और यात्रा बाजारों में भी गई। सवाल किया कि नैनीताल में उन्हें बाजार जाने से क्यों रोका जा रहा है। भारत शुद्धिकरण यात्रा भारत को जिहादी मानसिकता से मुक्त कराने, धर्मांतरण, भूमि जिहाद, थूक जिहाद के खिलाफ है। भारत के भविष्य के संकट को देखते हुए संतों ने मठों को त्याग दिया है। उन्होंने देश के तमिलनाडु में स्थित मंदिर की ज्योत को लेकर जज के आदेश तथा 20 राजनीतिक दलों की ओर से उस जज को हटाने की मांग समेत बांग्लादेश में हिंदुओं के अत्याचार का जिक्र किया। दर्जा मंत्री दिनेश आर्या ने भी संतों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने। लगभग एक घंटे बाद संतों ने यात्रा स्थगित की तथा खेल मैदान में बने मंच में सूक्ष्म सभा की। कहा कि अब मुख्यमंत्री के आदेश पर पहले बाजार, फिर नयना देवी मंदि से यात्रा शुरु होगी। दिल्ली में इसका समापन होगा। जहां दिल्ली का नाम इंद्रप्रस्त के नाम पर रखे जाने तथा विभिन्न मार्ग से आतताईयों के नाम हटाकर पौराणिक महाभारत, रामायण के पात्रों के नाम पर रखे जाने की मांग रखी जाएगी। आयोजन लालबाबा, भंडारी बाबा, हनुमान बाबा आदि रहे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।