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US-Iran Tension: Is Khamenei hiding in a bunker out of fear of Trump? Who is given the command of Iran?
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US-Iran Tension: क्या ट्रंप के डर से बंकर में छिपे खामेनेई, किसे दी ईरान की कमान?
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: आदर्श Updated Sun, 25 Jan 2026 08:49 PM IST
मध्य पूर्व में एक बार फिर युद्ध के बादल गहराते नजर आ रहे हैं। अमेरिकी हमले की आशंका के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई को राजधानी तेहरान के एक अत्याधुनिक और हाई-सिक्योरिटी बंकर में शिफ्ट कर दिया गया है। ईरानी मीडिया संस्थानों की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बंकर युद्धकालीन हालात को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह किले की तरह तैयार किया गया है, जहां से देश की सुरक्षा और रणनीतिक फैसलों को अंजाम दिया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, खामेनेई की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उनके तीसरे बेटे मसूद खामेनेई अब सर्वोच्च नेता के कार्यालय के दैनिक प्रशासनिक कामकाज को संभाल रहे हैं और ईरान के शीर्ष सैन्य व राजनीतिक अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि ईरान नेतृत्व किसी भी संभावित अमेरिकी या इजरायली कार्रवाई के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
इस तनाव के केंद्र में अमेरिका की बढ़ती सैन्य तैनाती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका का नौसैनिक “आर्मडा” मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहा है। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि यह तैनाती क्षेत्र में अमेरिकी हितों और सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए की जा रही है, लेकिन ईरान इसे सीधे तौर पर युद्ध की तैयारी के रूप में देख रहा है।
अमेरिकी नौसेना के अधिकारियों के मुताबिक, विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन और कई गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक जहाज इस समय हिंद महासागर में तैनात हैं और जल्द ही मध्य पूर्व के रणनीतिक क्षेत्रों में पहुंच सकते हैं। इसके साथ ही अतिरिक्त हवाई रक्षा प्रणालियां भी तैनात की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य अमेरिकी और इजरायली हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ाना बताया जा रहा है।
इस सैन्य मूवमेंट से साफ है कि वॉशिंगटन किसी भी संभावित टकराव के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है।
ईरान का कड़ा जवाब, “पहले से कहीं अधिक तैयार”
अमेरिका के इन कदमों पर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर जनरल मोहम्मद पाकपुर ने कहा है कि ईरानी सशस्त्र बल “पहले से कहीं अधिक तैयार हैं” और सर्वोच्च नेता के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान पर किसी भी तरह का हमला किया गया, तो उसे “पूरी तरह का युद्ध” माना जाएगा और ईरान उसका जवाब “सबसे कठोर तरीके से” देगा। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि अगर हालात बिगड़ते हैं, तो यह टकराव सीमित कार्रवाई से आगे बढ़कर पूर्ण पैमाने के युद्ध में बदल सकता है।
देश के अंदर उथल-पुथल, विरोध प्रदर्शन तेज
सैन्य तनाव के साथ-साथ ईरान के अंदर हालात भी तेजी से बिगड़ रहे हैं। देश में गहरे आर्थिक संकट और ईरानी मुद्रा रियाल के लगातार गिरते मूल्य के कारण दिसंबर के अंत से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे, जो अब पूरे देश में फैल चुके हैं।
इन प्रदर्शनों के दौरान सरकार और सुरक्षा बलों ने कड़ी कार्रवाई की है। कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं ताकि प्रदर्शनकारियों के बीच समन्वय को रोका जा सके। मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, हालात बेहद गंभीर हैं।
यूएस-आधारित मानवाधिकार संगठन HRANA के अनुसार, अब तक कम से कम 5,002 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 43 बच्चे और 40 सामान्य नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 26,541 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, ईरानी सरकार इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं करती, लेकिन जमीनी हालात बेहद तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं।
दोहरे मोर्चे पर दबाव में ईरान
एक तरफ बाहरी सैन्य खतरा और दूसरी तरफ अंदरूनी असंतोष ईरान इस समय दोहरे मोर्चे पर भारी दबाव में है। खामेनेई का बंकर में शिफ्ट होना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि ईरानी नेतृत्व हालात को बेहद गंभीर मान रहा है।
अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच यह तनाव कूटनीतिक स्तर पर सुलझेगा या फिर मध्य पूर्व एक बार फिर बड़े युद्ध की ओर बढ़ रहा है।
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