Bihar News: बिहार में बालू माफिया पर शिकंजा! खनन पदाधिकारी की संपत्ति जांच के आदेश से मचा हड़कंप
मुजफ्फरपुर में 20 सूत्री समिति की बैठक के दौरान अवैध बालू कारोबार का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। कई विधायकों ने जिले में सफेद बालू के नाम पर चल रहे कथित अवैध कारोबार और खनन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
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मुजफ्फरपुर में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (20 सूत्री) की बैठक के दौरान गुरुवार को अवैध बालू कारोबार का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। प्रभारी मंत्री बनने के बाद दिलीप जायसवाल की जिले में यह पहली समीक्षा बैठक थी। बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल के सामने कई विधायकों ने जिले में सफेद बालू के कथित काले कारोबार और खनन विभाग की कार्यशैली को लेकर गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं।
20 सूत्री की बैठक में उठा अवैध बालू कारोबार का मुद्दा
बैठक के दौरान विधायकों ने आरोप लगाया कि मुजफ्फरपुर जिले में सफेद बालू के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और अवैध कारोबार चल रहा है। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि इस वजह से सरकार को भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है और खनन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
खनन पदाधिकारी की संपत्ति जांच के निर्देश
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने इसे बेहद गंभीर मामला बताया। उन्होंने जिला पदाधिकारी को जिला खनन पदाधिकारी की चल और अचल संपत्तियों की जांच कराने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और संबंधित अधिकारी की संपत्ति का विस्तृत आकलन किया जाए।
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अगली बैठक में पेश होगी जांच रिपोर्ट
मंत्री ने निर्देश दिया कि जांच पूरी होने के बाद इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए और अगली 20 सूत्री समिति की बैठक में प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या अनियमितता सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दिलीप जायसवाल ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और अवैध खनन के मामलों को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
चार घंटे चली बैठक, कई मुद्दों पर हुई चर्चा
बैठक में मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, मंत्री रमा निषाद, भाजपा, जदयू और लोजपा के विधायक समेत जिला प्रशासन के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। करीब चार घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में जनसमस्याओं, विकास कार्यों, भूमि सुधार, भूमि विवादों के निपटारे और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों से अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट भी ली गई और कई मामलों में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।