Bihar CM News: तब राजनाथ के आने पर हुआ था खेल, अब शिवराज सिंह चौहान 'पंच'; भाजपा सीएम कैसे चुनेगी?
Samrat Choudhary : मुख्यमंत्री चुने जाने से पहले एनडीए विधायक दल का नेता चुना जाता है। जैसे नीतीश कुमार के समय औपचारिकता थी, वैसे ही इस बार भी। अंतर सिर्फ इतना है कि इस बार भाजपा को सीएम के लिए अपने विधायक दल का नेता चुनना है।
विस्तार
बिहार की राजनीति में आज बड़ा दिन है। लगभग 25 साल से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नीतीश कुमार इस्तीफा देने जा रहे हैं, ताकि राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी का कोई मुख्यमंत्री बन सके। भाजपा उनकी पसंद का क्या करती है, यह आज शाम तक संभवत: सामने आ जाएगा। अगर सबकुछ ठीक रहा तो नाम की घोषणा आज हो जाएगी, वरना यह सस्पेंस कल तक भी रखा जा सकता है। भाजपाई सीएम के लिए नीतीश कुमार की पसंद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी बताए जाते हैं। ऐसे में अहम भूमिका एक बार फिर 'राज' की है। 2020 के बिहार चुनाव के बाद राजनाथ सिंह जिस भूमिका में आए थे, इस बार शिवराज सिंह चौहान उसी तरह का काम करने पटना पहुंचे हैं।
क्या कर गए थे राजनाथ सिंह, जो आज भी चर्चा में?
2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू छोटी और भाजपा उससे बहुत बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। तब नीतीश कुमार भाजपा को सीएम पद का ऑफर दे रहे थे, लेकिन पार्टी ने कहा कि चुनाव उनके चेहरे पर लड़ा गया है तो सीएम भी वही रहेंगे। नीतीश कुमार सीएम बनने के लिए राजी हो रहे थे तो शर्त थी कि डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ही हों। उससे पहले जब भी नीतीश एनडीए के सीएम रहे तो सुशील मोदी ही उनके डिप्टी रहे भी थे। लेकिन, 2020 में भाजपा के अंदर ऊहापोह की स्थिति थी। भाजपा यहां प्रयोग के मूड में थी। जैसे इस बार शिवराज सिंह चौहान आ रहे है, उस समय राजनाथ सिंह को दिल्ली से भेजा गया था। भाजपा के विधायक और विधान पार्षद चर्चा का इंतजार करते रहे। राजनाथ पटना आए भी, हालांकि भाजपा की बैठक औपचारिकता भर रही। राजनाथ आए और नीतीश कुमार को मना लिया कि सुशील मोदी की जगह तार किशोर प्रसाद और रेणु देवी उप मुख्यमंत्री होंगी। सुशील मोदी बाद में राज्यसभा भेजे गए। उसके कुछ समय बाद वह बीमार पड़े और दुनिया से भी चले गए।
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शिवराज सिंह भाजपा के राष्ट्रीय पर्यवेक्षक बनकर आए
केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस बार बिहार में नई सरकार के गठन के लिए भाजपा विधायक दल का नेता का चुनाव कराने के लिए पटना आए हैं। राज्य में पहली बार भाजपाई सीएम बनाने की तैयारी चल रही है। इस तैयारी को अमलीजामा वही पहनाएंगे। मतलब, भाजपा अपना वह नेता चुनेगी, जिसे सीएम बनना है। हमेशा की तरह यह माना जा रहा है कि भाजपा मुख्यालय नाम फाइनल कर चुका है और शिवराज सिंह चौहान उसपर विधायक दल की मुहर लगवाने के लिए आए हैं, जैसे 2020 में राजनाथ सिंह आए थे। फिर भी, औपचारिकता है तो होगी।
सम्राट विधायक दल के नेता पहले से, कैसे होगा नया चुनाव?
मुख्यमंत्री के इस्तीफे के साथ ही बिहार विधानसभा भंग होने की औपचारिकता हो जाएगी। सम्राट चौधरी 2025 के बिहार चुनाव के बाद भाजपा विधायक दल के नेता चुने गए थे। अब भी वही हैं। विधानसभा भंग होने के बाद भाजपा विधायक दल का नया नेता चुनने की औपचारिकता करेगी। भाजपा के 89 विधायक चुने गए थे, जिनमें से नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद अब यह संख्या 88 है। इन 88 विधायकों की ही असल भूमिका है, वैसे इस बैठक में भाजपाई विधान पार्षदों को भी रहना है। बाकी बड़े नेता भी रहेंगे ही। भाजपा मुख्यालय से फाइनल हुआ नाम शिवराज सिंह चौहान सभी के सामने रखेंगे और आम सहमति बनाने के बाद उसकी घोषणा की जाएगी। भाजपा में बड़े विरोध की आशंका नहीं रहती है, फिर भी घोषणा के मद्देनजर भाजपा प्रदेश कार्यालय और प्रमुख नेताओं की सुरक्षा पर विशेष चौकसी रखी जा रही है। चूंकि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के एलान के बाद से अब तक करीब 20 नाम नए सीएम के रूप में चल चुके हैं, इसलिए गहमागहमी बढ़ी हुई है।
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