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Bihar News: आखिरकार मिला न्याय! जमीन के लिए मां की हत्या करने वाले बेटे को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया जुर्माना भी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अररिया Published by: पूर्णिया ब्यूरो Updated Sat, 31 Jan 2026 09:18 PM IST
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सार

अररिया के सतबेर में 13 मई 2024 को जमीन के विवाद में शंकर मंडल ने अपनी मां मसोमात फेकनी देवी को जिंदा जलाकर हत्या कर दी थी। आरोपी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार की अदालत ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 60 हजार रुपये का जुर्माना सुनाया।

Araria Court Sentences Son to Life Imprisonment for Burning Mother Alive Over Land Dispute
अररिया व्यवहार न्यायालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अररिया की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे चतुर्थ) रवि कुमार की अदालत ने शनिवार को मानवता को झकझोर देने वाले एक मामले में कड़ा फैसला सुनाया। जमीन के लालच में अपनी ही सगी मां की जिंदा जलाकर हत्या करने वाले आरोपी पुत्र शंकर मंडल को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही कोर्ट ने कुल 60 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है।
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सतबेर की दिल दहला देने वाली वारदात
मामला बरदाहा थाना क्षेत्र के सतबेर (गरही टोला), वार्ड संख्या 7 का है। 13 मई 2024 को प्राथमिक विद्यालय सतबेर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर मसोमात फेकनी देवी का अधजला शव बरामद हुआ था। शव पर पेट और गले में गंभीर जख्मों के निशान थे, जिससे हत्या की नृशंसता सामने आई थी।
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अदालत का फैसला और सजा का ब्योरा

अदालत ने शंकर मंडल (पिता–स्व. सहजन मंडल) को दो धाराओं में सजा सुनाई;
  • धारा 302 भादवि (हत्या): आजीवन कारावास व 50,000 रुपये जुर्माना
  • धारा 201 भादवि (साक्ष्य मिटाना): 5 वर्ष सश्रम कारावास व 10,000 रुपये जुर्माना
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि जुर्माने की राशि अदा नहीं की गई तो दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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जेल से छूटते ही रची हत्या की साजिश
अभियोजन के अनुसार, आरोपी का अपनी मां से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पूर्व में भी उसने मां पर जानलेवा हमला किया था, जिसके चलते वह जेल गया था। जेल से रिहा होने के महज एक महीने के भीतर उसने इस जघन्य वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले की जांच में वैज्ञानिक व तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। 30 अक्टूबर 2024 को ठोस आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया गया। मामले में आरोपी की पत्नी वीणा देवी भी नामजद है, जिसका मुकदमा फिलहाल न्यायालय में लंबित है। सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक प्रभा कुमारी ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष से अधिवक्ता छंगुरी मंडल व किशोर कुमार श्रीवास्तव ने दलीलें दीं। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने शंकर मंडल को दोषी करार दिया।
 
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