माघी पूर्णिमा को लेकर बिहार की काशी कहे जाने वाले उमानाथ धाम में गंगा स्नान के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शनिवार सुबह से ही कई जिलों से श्रद्धालु हजारों गाड़ियों में यहां आने लगे, लेकिन इस भीड़ के बीच अवैध वसूली का मामला सामने आया है। नगर परिषद क्षेत्र के बाहर कई स्थानों पर गाड़ियों से जबरन पैसे वसूले जा रहे हैं। अवैध वसूली करने वाले लोग नगर परिषद का आई-कार्ड और रसीद दिखाकर गाड़ी सवारों से पैसे ले रहे हैं, जिससे लोग फर्जी वसूली को समझ नहीं पा रहे हैं। बताया जा रहा है कि सुबह से ही छोटी-बड़ी गाड़ियों से मनमाने तरीके से राशि वसूली जा रही है। पुलिस के पहुंचते ही अवैध वसूली में शामिल युवक मौके से फरार हो जाते हैं, हालांकि पुलिस कार्रवाई में जुटी हुई है।
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श्रद्धालुओं ने लगाए गंभीर आरोप
उमानाथ मंदिर परिसर में भी गंगा स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं से अवैध वसूली किए जाने का आरोप है। मंदिर परिसर में बैठे लोगों से मंदिर प्रबंधन के नाम पर 100 रुपये लिए जा रहे हैं और यह कहकर वसूली की जा रही है कि यह राशि मंदिर के विकास कार्यों में खर्च होगी।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
बाढ़ थाना अध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह ने बताया कि अवैध वसूली की सूचना मिलने पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कई युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।