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Delhi: एशियन गेम में जाने वाली घुड़सवार टीम का चयन हाईकोर्ट ने रखा बरकरार, रिजर्व खिलाड़ियों ने दी थी चुनौती
Wed, 01 Jul 2026 07:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा
गौरव बाजपेई, नई दिल्ली
गौरव बाजपेई, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 01 Jul 2026 07:21 AM IST
सार
न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा की एकल पीठ ने सुदीप्ति हाजेला और अनुष अग्रवाल की याचिका खारिज करते हुए कहा कि ईक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया (इएफआई) द्वारा 16 जून 2026 को जारी चयन सूची वैध है और चयन प्रक्रिया मनमानी नहीं है।
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दिल्ली हाई कोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
दिल्ली हाई कोर्ट ने एशियन गेम्स 2026 (जापान) के लिए भारतीय ड्रेसाज टीम के चयन को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा की एकल पीठ ने सुदीप्ति हाजेला और अनुष अग्रवाल की याचिका खारिज करते हुए कहा कि ईक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया (इएफआई) द्वारा 16 जून 2026 को जारी चयन सूची वैध है और चयन प्रक्रिया मनमानी नहीं है।
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याचिकाकर्ता सुदीप्ति हाजेला और अनुष अग्रवाल ने चयन सूची को रद्द करने तथा उन्हें मुख्य टीम में शामिल करने की मांग की थी। दोनों खिलाड़ी रिजर्व लिस्ट में रखे गए थे, जबकि चार खिलाड़ियों श्रुति वोरा, गौरव पुंडीर, जय सूद और हृदय छेड़ा को मुख्य टीम में चुना गया था।
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याचिकाकर्ताओं ने न्यूनतम पात्रता की गणना, टीम बनाम व्यक्तिगत के आधार पर रैंकिंग और चयन समिति में कथित पक्षपात का मुद्दा उठाया था। अदालत ने ईएफआई की चयन प्रक्रिया का विश्लेषण कर पाया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह से निर्धारित मानदंडों के अनुरूप है।
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अदालत ने स्पष्ट किया कि खेल चयन में विशेषज्ञ समिति के फैसले में तब तक हस्तक्षेप नहीं करेगी जब तक वह प्रथम दृष्ट्या विवादित न हो। अनुष अग्रवाल द्वारा कपिल मोदी के चयन समिति में होने के कारण पक्षपात का आरोप लगाया गया था, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अप्रैल 2026 में आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन बाद में चुप्पी साध ली। अदालत ने ईएफआई की दलील मानी की संभावित खिलाड़ी यूरोप के अलग-अलग देशों में है ऐसे में अतिरिक्त ट्रायल कराना व्यवहारिक नहीं है।