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शनि अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण के समय करें पंच दान, होगा हर समस्या का समाधान - 4 दिसम्बर, 2021
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शनि अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण के समय करें पंच दान, होगा हर समस्या का समाधान - 4 दिसम्बर, 2021

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Digital Edition

दिल्ली: बोलने की आजादी का बहुसंख्यकों की राय से मेल खाना जरूरी नहीं, सलमान खुर्शीद की किताब के खिलाफ याचिका खारिज कर की टिप्पणी

बोलने की आजादी का बहुसंख्यकों की राय से मेल खाना जरूरी नहीं, एक अलग राय रखना जीवंत लोकतंत्र का सार है। हाईकोर्ट ने ये बात पूर्व मंत्री सलमान खुर्शीद की किताब के खिलाफ दायर याचिका खारिज करते हुए कही। किताब के प्रकाशन, वितरण और बिक्री पर रोक के लिए याचिका दायर की गई थी।

पेश याचिका में दावा किया गया था कि सलमान खुर्शीद की किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्या : नेशनहुड इन आवर टाइम्स’ अन्य लोगों के विश्वास पर चोट करती है। न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि बोलने की आजादी समेत संविधान में दिए अधिकारों को कुछ अप्रिय होने की आशंका से सीमित या वंचित नहीं किया जा सकता। कानून से चलने वाले लोकतंत्र के लिए ये खतरनाक होगा अगर रचनात्मक आवाजों या बौद्धिक स्वतंत्रता को दबाया जाए।

न्यायमूर्ति वर्मा ने अपने छह पन्नों के फैसले में फ्रांसीसी लेखक वाल्तेयर का जिक्र करते हुए कहा कि भले ही मैं आपकी बात से असहमत हूं पर आपकी बात रखने की आजादी का समर्थन करता हूं। बोलने की आजादी की पूरे जोश से रक्षा होनी चाहिए। बशर्ते वह सांविधानिक और कानूनी प्रतिबंधों के अनुसार गलत न हो। उन्होंने 25 नवंबर के अपने फैसले में कहा कि समसामयिक या एतिहासिक घटनाओं के प्रति अलग मत रखना या उनके प्रति अलग राय व्यक्त करना जीवंत लोकतंत्र का सार है। 

संविधान में दिए गए मौलिक और बहुमूल्य अधिकारों को कुछ अप्रिय होने या कई लोगों को पसंद न आने की आशंका से वंचित या सीमित नहीं किया जा सकता। आजादी से बोलने या विचार व्यक्त करने के अधिकार को बहुसंख्यकों से मेल न खाने के कारण कम नहीं किया जा सकता। अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि अदालत के विचार करने के लिए पूरी किताब पेश नहीं की गई। वहीं ये पूरा मामला किताब के एक अध्याय के कुछ अंशों पर आधारित है।

पेश याचिका में याची ने दावा किया था कि किताब के कुछ अंश हिंदू समुदाय में रोष पैदा कर रहे हैं। इसके साथ ही ये देश की सुरक्षा, शांति और सौहार्द के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं। याची के वकील ने तर्क रखा था कि किताब में अध्याय ‘द सैफरॉन स्काई’ में हिंदुत्व की तुलना कट्टर आईएसआई और बोको हरम से की गई है, इससे शांति भंग हो सकती है।
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कृषि कानूनों पर तोमर बोले: पहले दिन संसद में पेश होगा विधेयक, विनती है घर लौटें, जानिए पराली और मुआवजे पर क्या कहा?

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शनिवार को बताया कि तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने वाला विधेयक शीतकालीन सत्र के पहले दिन संसद में पेश किया जाएगा। बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फसल विविधता, शून्य-बजट खेती एमएसपी प्रणाली को और अधिक पारदर्शी व इससे जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की है। इस समिति के गठन से एमएसपी पर किसानों की मांग पूरी हुई। तोमर ने बताया कि किसान संगठनों ने पराली जलाने को अपराध से मुक्त करने की मांग की थी। जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
 

नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के एलान के बाद मुझे लगता है कि अब आंदोलन का कोई औचित्य नहीं है। इसलिए मैं किसानों और किसान संगठनों से निवेदन करता हूं कि वो आंदोलन खत्म करें। बड़े मन का परिचय दें और पीएम मोदी की जो घोषणा है उसका आदर करते हुए अपने-अपने घर लौटें।




कहा कि आंदोलन के दौरान दर्ज हुए मामले राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र का विषय हैं। मामलों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकारें निर्णय करेंगी। साथ ही मुआवजे का मामला भी राज्य सरकारों के अधीन है, जिस पर सरकारें निर्णय करेंगी। देश में अब पराली जलाना अपराध की श्रेणी में नहीं आएगा। किसान संगठनों की प्रमुख मांग थी कि पराली जलाने को अपराध की श्रेणी से बाहर रखा जाए, इसलिए किसानों की यह मांग केंद्र सरकार ने मांग ली है।

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उपलब्धि: वॉशिंगटन-बीजिंग के हवाई अड्डे से ज्यादा बड़ा होगा जेवर का अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, क्षेत्रफल में दुनिया में चौथा स्थान

ग्रेटर नोएडा के जेवर में बनने वाला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्षेत्रफल के लिहाज से विश्व का चौथा और एशिया का दूसरा और देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा। एयरपोर्ट के अंतिम चरण के निर्माण के बाद यह रैंकिंग लागू होगी। फिलहाल करीब 13.34 वर्ग किमी क्षेत्र में ही इसका निर्माण हो रहा है। बाद में इसका क्षेत्रफल बढ़ाया जाएगा।

आंकड़ों के मुताबिक सऊदी अरब का किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट विश्व में सबसे बड़ा हवाई अड्डा है। यह 776 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला है। इसके बाद अमेरिका के दो एयरपोर्ट का नंबर आता है। जिनका क्षेत्रफल 137 और 70 वर्ग किमी है। जबकि चौथे स्थान पर जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। पूरी तरह विकसित होने के बाद इसका क्षेत्रफल 58 वर्ग किमी होगा।

अहम है कि पहले इसका क्षेत्रफल 50 वर्ग किमी था। लेकिन बाद में 800 हेक्टेयर क्षेत्रफल और बढ़ाने की बात कही गई थी। हालांकि सूत्रों का यह भी कहना है कि अंतिम तौर पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का क्षेत्रफल 62 वर्ग किमी का हो सकता है।

एमआरओ सिस्टम से होगा देश को लाभ
जेवर में बनने वाले मेंटेनेंस, रिपेयरिंग और ओवरहॉलिंग (एमआरओ) सेंटर का लाभ देश को होगा। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल नागपुर में एमआरओ सेंटर है। जो काफी छोटा है। विमान कंपनियां हवाई जहाज के मेटेंनेंस के लिए कोलंबो और सिंगापुर के एमआरओ सेंटर की सेवाएं लेती हैं। अधिकारियों का कहना है कि बोइंग विमानों को सिएटल और एयर बस को पेरिस के एमआरओ सेंटर की सेवा लेनी होती है। जेवर में अत्याधुनिक एमआरओ सेंटर की सुविधा शुरू होने से विमान कंपनियों के साथ ही देश को काफी लाभ होगा। नजदीकी देशों के विमान भी इसका लाभ उठा सकेंगे। 

जानिए दुनिया के अन्य हवाई अड्डों का क्षेत्रफल-
किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट             सऊदी अरब    776 वर्ग किमी
डेनवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट                       यूएसए        137 वर्ग किमी
डलास वर्थ इंटरनेशनल एयरपोर्ट                  यूएसए          70 वर्ग किमी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट                        भारत           58 वर्ग किमी
ओरलैंडो इंटरनेशनल एयरपोर्ट                    यूएसए           54 वर्ग किमी
वाशिंगटन ड्यूल्स इंटरनेशनल एयरपोर्ट         यूएसए           49 वर्ग किमी
बीजिंग डेक्सिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट             चीन             47 वर्ग किमी
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दिल्ली: सरकारी कार्यालयों में खत्म होगा वर्क फ्रॉम होम, तीन दिसंबर तक ट्रकों को प्रवेश की अनुमति नहीं

राजधानी में सोमवार से स्कूल-कॉलेज व अन्य शैक्षणिक संस्थान खुलेंगे। साथ ही दिल्ली सरकार के कार्यालयों में वर्क फ्रॉम होम की सुविधा खत्म होगी। सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को ऑफिस पहुंचकर काम करना होगा। हालांकि, प्रदूषण को देखते हुए सीएनजी और इलेस्ट्रिक ट्रकों को छोड़कर अन्य ट्रकों पर तीन दिसंबर तक प्रवेश की पाबंदी जारी रहेगी।

बीते सप्ताह पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने उच्चस्तरीय बैठक कर 29 नवंबर से स्कूल-कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। साथ ही वर्क फ्रॉम होम की सुविधा को भी खत्म करने की जानकारी दी थी। गोपाल राय ने सरकारी कर्मचारियों को सुझाव देते हुए कहा था कि वे सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल कर कार्यालय पहुंचें। इसके लिए दिल्ली की अलग-अलग सरकारी कॉलोनियों से सीएनजी बस सेवा की भी शुरुआत की गई है। साथ ही आईटीओ व इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन से दिल्ली सचिवालय के लिए शटल बस सेवा भी शुरू की जाएगी। ऐसे में सरकार की ओर से कर्मचारियों से अपील है कि अधिक से अधिक कर्मचारी मेट्रो का इस्तेमाल करें।
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वायु प्रदूषण वायु प्रदूषण

Omicron Alert: एम्स प्रमुख बोले- ओमिक्रॉन के 30 से ज्यादा म्यूटेशन, बारीकी से रखी जा रही नजर, इन बातों का रखें ध्यान

कोरोना संक्रमण के बदले हुए नए स्वरूप ओमिक्रॉन के 30 से अधिक म्यूटेशन हैं। इसके खिलाफ टीकों की प्रभावकारिता का गंभीर रूप से मूल्यांकन करने की आवश्यकता है। यह जानकारी एम्स प्रमुख डॉ. रणदीप गुलेरिया ने दी है। उन्होंने कहा कि भविष्य की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि इसकी संप्रेषणीयता, विषाणु और प्रतिरक्षण क्षमता पर अधिक डेटा क्या दिखाता है। इस पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। देश में इसकी उपस्थिति का अभी तक पता नहीं चला है। डॉ. गुलेरिया ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वालों और उस क्षेत्र में जहां मामलों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है, दोनों के लिए बहुत सतर्क और आक्रामक निगरानी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने सभी से कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि साथ ही सुनिश्चित करना होगा कि लोगों को टीके की दोनों डोज मिलें और जिन्होंने अभी तक टीका नहीं लिया है, उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इस म्यूटेंट को पहली बार 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका से विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को सूचित किया गया था। अभी तक इसे बोत्सवाना, बेल्जियम, हांगकांग और इज़राइल समेत कई अन्य देशों में पाया गया है।

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नए वेरिएंट की दहशत: सीएम केजरीवाल ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, पीड़ित देशों से आने वाली फ्लाइट हों बंद, कोई भी देरी हो सकती है हानिकारक

कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन से फैली दहशत के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने पत्र में आग्रह किया है कि जिन देशों में कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट पाया जा रहा है, वहां से आने वाली फ्लाइट को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह से बंद कर दिया जाय। कोई भी देरी हानिकारक साबित हो सकती है।  


बड़ी मुश्किल से कोरोना के कहर से बाहर आया देश
सीएम केजरीवाल ने लिखा कि मैं प्रधानमंत्री से आग्रह करता हूं कि कोरोना के नए वेरिएंट से प्रभावित देशों से आने वाली हवाई सेवाओं को तुरंत रोक दिया जाए। हमारा देश बड़ी मुश्किल से कोरोना के कहर से बाहर आया है। हमें हर वो संभव कदम उठाना चाहिए जिससे कोरोना का नया वेरिएंट भारत में प्रवेश न करे।
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Delhi News: गौतम गंभीर को आईएसआईएस कश्मीर से तीसरी बार मिली जान से मारने की धमकी, कहा- कुछ नहीं कर पाएगी पुलिस

पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद गौतम गंभीर को फिर जान से मारने की धमकी मिली है। गौतम गंभीर को कथित तौर पर 'आईएसआईएस कश्मीर' से तीसरी धमकी वाला ई-मेल मिला है। उनके आधिकारिक ईमेल पर जान से मारने की धमकी मिली है।




इस मेल में दिल्ली पुलिस का भी जिक्र है। मेल में लिखा है कि दिल्ली पुलिस और आईपीएस श्वेता चौहान भी कुछ नहीं कर सकतीं। दिल्ली पुलिस के अंदर हमारे जासूस मौजूद हैं, जो हमें तुम्हारे बारे में सारी जानकारी दे रहे हैं।
इससे पहले भी मिल चुकी है जान से मारने की धमकी
वहीं इससे पहले मंगलवार की रात को भी उनके आधिकारिक ईमेल पर आईएसआईएस-कश्मीर की ओर से एक मेल कर उनको व परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए फौरन गौतम गंभीर के निजी सचिव गौरव अरोड़ा ने धमकी की लिखित में शिकायत मध्य जिला पुलिस उपायुक्त से की थी।

सांसद के घर के बाहर बढ़ाई सुरक्षा 
सूचना मिलते ही रात में सांसद के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। दिल्ली पुलिस की तमाम एजेंसियां मामले की जांच में जुट गई है। इस संबंध में मध्य जिला पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

तीसरी बार आया ईमेल
जानकारी के अनुसार, गौतम गंभीर मध्य जिला के ओल्ड राजेंद्र नगर में परिवार के साथ रहते हैं। मंगलवार रात करीब 9.32 बजे इनके आधिकारिक मेल आईडी पर आईएसआईएस-कश्मीर नामक संगठन की ओर से एक ईमेल आया। ईमेल में आरोपियों ने सांसद व उनके परिवार को जल्द ही जान से मारने की धमकी दी। गंभीर के स्टाफ ने ईमेल देखा तो फौरन इसकी सूचना सांसद को दी।

 
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दिल्ली : अभी नहीं मिला नया वेरिएंट, दिल्ली सरकार बढ़ा सकती है जीनोम सीक्वेंसिंग

Delhi MP Gautam Gambhir
विदेशों में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मिलने के बाद दिल्ली सरकार सतर्क हो गई है। ऐसे में इस घातक वेरिएंट को दिल्ली आने से रोकने के लिए सरकार ने खास तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। आगामी सोमवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में जीनोम सीक्वेसिंग बढ़ाने का फैसला लिया जा सकता है। साथ ही हाई रिस्क जोन से आने वालों को एयरपोर्ट के आसपास ही क्वारंटीन करने की सुविधा भी दी जा सकती है। 

शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर जांच करने वाली दो लैब ने पुष्टि की है कि उनके यहां अब तक कोई संक्रमित यात्री नहीं मिला है। इनमें से एक लैब के वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि हर दिन हाई रिस्क जोन से यात्री दिल्ली पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक यात्री की आरटी पीसीआर रिपोर्ट देखने के अलावा इनकी जीनोम सीक्वेसिंग होना भी जरूरी है ताकि यह पता चले कि नया वेरिएंट कहीं किसी और देश की यात्रा करते हुए भारत तो नहीं पहुंच रहा। पिछले वर्ष भी ऐसा ही कुछ हुआ था इसलिए अबकी बार उन्हें विशेष ध्यान रखने और हर यात्री की सीक्वेसिंग करने के लिए कहा गया है। 

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त समेत सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कोविड प्रोटोकाल को सार्वजनिक स्थलों पर सख्ती से लागू करवाएं। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों को तेजी से काम करना है। 

दिल्ली सरकार के लोकनायक अस्पताल के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि उनके यहां पर्याप्त क्षमता में जीनोम सीक्वेसिंग की जा रही है। नए वेरिएंट को लेकर अभी तक लिखित निर्देश नहीं मिले हैं लेकिन अगर सरकार जीनोम सीक्वेसिंग बढ़ाती है तो उनके यहां पर्याप्त सुविधाएं हैं और तत्काल इनकी संख्या बढ़ा सकते हैं। 

वहीं कड़कड़डूमा स्थित प्रदेश स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में मौजूद एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लोकनायक के अलावा आईएलबीएस अस्पताल में भी जीनोम सीक्वेसिंग की सुविधा है। इन दोनों लैब में सीक्वेसिंग बढ़ाने का फैसला लेने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा से लौटे यात्रियों के अलावा दिल्ली के लोगों के भी सैंपल लेकर सीक्वेसिंग पर जोर दिया जाएगा। हालांकि यह सैपलिंग पूलिंग प्रक्रिया के तहत होगी। किसी एक जिले के एक क्षेत्र को चुनते हुए वहां के कुछ लोगों के रैंडम सैंपल लेकर सीक्वेसिंग होगी। उन्होंने बताया कि अभी दिल्ली में सबसे अधिक सैंपल डेल्टा वेरिएंट से संक्रमित मिल चुके हैं। दिल्ली में करीब 40 फीसदी से अधिक डेल्टा वेरिएंट के ही प्रसारित होने का अनुमान है। 

सरकार से मिले निर्देश, अभी नया वेरिएंट नहीं
दिल्ली एयरपोर्ट पर हाई रिस्क वाले देशों से आए नागरिकों में कोरोना का नया वेरिएंट नहीं मिला है। एयरपोर्ट पर जांच करने वाली लैब के कर्मचारी ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका, हॉगकॉग और बोत्सवाना समेत हाईरिस्क देशों से आने वाले नागरिकों की कोरोना जांच करने और उनके सैंपल की जीनोम सीक्वेसिंग कराने के निर्देश सरकार से मिले हैं। 

एलजी-सीएम लेगें अंतिम फैसला
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार को डीडीएमए की बैठक में एलजी अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सामने जीनोम सीक्वेसिंग बढ़ाने, एयरपोर्ट के पास ही क्वारंटीन सेवा देने, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की 14 दिन तक निगरानी रखने और उनके परिवार की जांच इत्यादि करने जैसी सिफारिशें रखी जा सकती हैं जिन पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
 
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डिप्टी सीएम सिसोदिया ने कहा : बच्चों को नौकरी देने वाला बना रही है दिल्ली सरकार

दिल्ली सरकार बिजनेस ब्लॉस्टर प्रोग्राम पर संजीदगी से काम कर रही है। मकसद बच्चों में उद्यमिता विकसित करने की है। बच्चों की बेहतर आइडिया को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार आर्थिक मदद भी कर रही है। मौजूदा प्रोग्राम और भविष्य की योजना पर पेश है दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया से अमर उजाला की बातचीत का एक अंश...

मनीष जी, बिजनेस ब्लॉस्टर प्रोग्राम क्या है?
आज दिल्ली और देश में स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई पूरी करके निकलने वाले 99 फीसदी बच्चे नौकरी पाने की लाइन में लग जाते है। हर साल इतनी बड़ी संख्या में जॉब सीकर्स, जॉब मार्केट में आते हैं, लेकिन सभी को जॉब नहीं मिल पाती है। वजह यह कि आज स्कूल और कॉलेज से नौकरी देने वालों की जगह नौकरी ढूढ़ने वाले निकल रहे हैं। इसी समस्या के समाधान के रूप में हमने बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम की 7 सितंबर 2021 में शुरुआत की। इससे पहले इसे पूर्वी दिल्ली के एक स्कूल में पायलट फेज में चलाया गया था।

आपने क्या बदलाव किया इसमें?
हम बच्चों से बिजनेस आइडिया लेते हैं। उसे ग्रो करने की करने सरकार बच्चों की मदद करती है। सरकारी स्कूलों में 11-12वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों को उनके बिजनेस आइडियाज के लिए प्रति छात्र 2 हजार रुपए की सीड मनी दी जा रही है। हम चाहते है कि दिल्ली सरकार के स्कूलों से निकला हर बच्चा एक ग्रोथ माइंडसेट के साथ अपनी पढ़ाई पूरी करके निकले। इस प्रोग्राम के माध्यम से हमारा उद्देश्य दिल्ली के बच्चों में एंत्रप्रेन्योर माइंडसेट विकसित करना है, जिससे वह जॉब सीकर के बजाय जॉब प्रोवाइडर बनें। अगर वह नौकरी करे, तो भी वो नौकरियों की लाइन में न लगे हों, बल्कि उन्हें नौकरी देने के लिए कंपनियां लाइन में लगी हों। 

बिजनेस ब्लास्टर प्रोग्राम को जिस मकसद से शुरू हुआ है, उसे अभी कहां तक हासिल किया जा सका?
जी हां, बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम का मकसद ही बच्चों में उद्यमिता की सोच पैदा करना है। वह रिस्क लें, नाकामी से न डरे। वह अपने अंदर समाधान देने वाले, नेतृत्व करने वाले, टीम के साथ काम करने वाले और तार्किक सोच पैदा करने वालों सी कुशलता लाएं। वह एक ग्रोथ माइंडसेट को अपनाएं। छोटे से समय में ही दिल्ली के 1 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों के 3 लाख बच्चे अपने 51 हजार से अधिक स्टार्टअप के साथ इस प्रोग्राम का हिस्सा बने हैं। बेहद शानदार आइडियाज लेकर आए हैं तो ये प्रोग्राम सफल होता दिख रहा है। उम्मीदन हम जिस विकसित और संपन्न भारत का सपना देखते हैं, भविष्य में ये प्रोग्राम उस सपने को हकीकत में बदलने का सेतु बनेगा।

11वी-12वीं कक्षाओं के बाद इस कार्यक्रम को अन्य कक्षाओं के लिए भी शुरू करने की कोई योजना है?
देखिए, ये प्रोग्राम एंत्रप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम (ईएमसी) का हिस्सा है। हमारे स्कूलों में कक्षा नौ से ही ईएमसी पढ़ाया जाता है। कक्षा 9वीं व 10वीं में हम बहुत सी एक्टिविटी, प्रोजेक्ट्स व विजिट, एंत्रप्रेन्योर्स के साथ इंटरेक्शन के माध्यम से बच्चों की बुनियाद को मजबूत करने का काम करते हैं। उसके बाद 11वीं-12वीं में बच्चों को उनके स्टार्टअप के लिए सीड मनी देते हैं।

सरकार छात्रों के आइडिया को आगे बढ़ाने के लिए क्या कर रही है, जिससे वो स्कूल खत्म होने के बाद भी इसे कमाई का जरिया बना सकें?
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्त्व में दिल्ली सरकार बहुत जल्द दिल्ली की स्टार्टअप पालिसी की शुरुआत करने जा रही है। इसके माध्यम से दिल्ली सरकार, दिल्ली के युवाओं को अपने स्टार्टअप को शुरू करने में मदद करेगी। स्टूडेंट्स अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए इस पालिसी का लाभ उठा पाएंगे।

छात्रों के किसी बिजनेस आईडिया को किसी कंपनी के साथ शेयर किया गया है, क्या किसी कंपनी ने किसी आईडिया के लिए रुचि दिखाई है?
बहुत-सी कंपनियां बिजनेस कोच के रूप में हमारे इन बडिंग एंत्रप्रेन्योर्स को गाइडेंस दे रही हैं। कई कंपनियों ने स्टूडेंट्स के बहुत से स्टार्टअप को लेकर रूचि भी दिखाई है। हमारी योजना आने वाले समय में दिल्ली में बिजनेस ब्लास्टर्स कार्निवल का आयोजन करना है। जहां टॉप 100 प्रोजेक्ट्स की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। हम इस कार्निवल में दिल्ली और देश के बड़े उद्यमियों को बुलाएंगे की वो आकर इन प्रोजेक्ट्स का इवैल्यूएशन करे और इसमें इनवेस्ट करें।

क्या सरकार छात्रों के आईडिया को टीवी पर प्रसारित करने जा रही है?
जी हां, विश्व के इस सबसे बड़े स्टार्टअप प्रोग्राम को 28 सितम्बर, 2021 से हर रविवार शाम 7 बजे टीवी पर प्रसारित किया जाएगा। ताकि देशभर के लोग हमारे इन छोटे बिजनेस स्टार्स के बड़े बिजनेस आइडियाज से परिचित हो पाएं।
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प्रदूषण की मार: लगातार दूसरे दिन फरीदाबाद और दिल्ली की हालत गंभीर, एनसीआर के बाकी शहरों की हवा भी बेहद खराब, कल से राहत के आसार

दिल्ली-एनसीआर में सुधार के बाद भी हवाएं लगातार दूसरे दिन शनिवार को जहरीली बनी रहीं। हरियाणा के फरीदाबाद के साथ दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से ऊपर रिकार्ड किया गया जबकि गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा व गुरूग्राम में यह आंकड़ा 350 से ऊपर रहा। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक दिल्ली में आज सवेरे 500-1000 मीटर के बीच दृश्यता के साथ हल्का कोहरा रहा। 

नोएडा में रविवार की सुबह को घना वायु प्रदूषण देखने को मिला। एक युवक ने बताया कि प्रदूषण के कारण आंखों में जलन के साथ-साथ सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है। धुंध इतनी घनी है कि साफ से दिखाई भी नहीं दे रहा है।

Read more: https://www.amarujala.com/delhi/delhi-air-pollution-level-latest-news-update-in-hindi-delhi-air-quality-index-serious-with-faridabad-the-air-in-other-cities-of-ncr-is-also-very-bad

पर्यावरण पर काम करने वाली एजेसियों को पूर्वानुमान है कि रविवार को प्रदूषण स्तर में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। हवा की चाल बढ़ने पर सप्ताह के पहले कार्यदिवस सोमवार से गुणवत्ता में सुधार हो सकता है।

भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, शनिवार को पूरब से दिल्ली पहुंचने वाली हवाओं की चाल करीब 8 किमी प्रति घंटा रही। जबकि शुक्रवार का यह आंकड़ा 4 किमी प्रति घंटा के करीब था। वहीं, मिक्सिंग हाइट 1000 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्टस मानक 6000 की जगह 2500 वर्ग मीटर/सेंकेड रहा।

इससे प्रदूषक न तो आसमान की तरफ ऊपर जा सके और न ही धरती की सतह के साथ दूर-दूर तक फैल सके। इसका नतीजा हवाओं के गंभीर स्तर पर बने रहने के तौर पर रहा। सूचकांक 402 पर रिकॉर्ड किया गया। शुक्रवार को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 406 था। वहीं, फरीदाबाद का सूचकांक भी 416 रिकार्ड की गई।
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खत्म हुआ एनडीटीएफ का वनवास : 24 साल बाद डूटा में लहराया भगवा, कार्यकारिणी परिणाम भी घोषित

दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ चुनाव में दक्षिणपंथी संगठन(नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर फ्रंट) ने अपने 24 साल के वनवास को खत्म करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। एनडीटीएफ के डॉ एके भागी डूटा के 17वें अध्यक्ष बने हैं। इसी के साथ ही डूटा में भगवा लहरा गया है। इससे पहले वर्ष 1997-1999 में एनडीटीएफ के डॉ श्रीराम ओबराय डूटा के अध्यक्ष बने थे। इस तरह से आरएसएस समर्थित एनडीटीएफ ने डूटा अध्यक्ष बनने के वामपंथी शिक्षक संगठन(डीटीएफ) के सपने को तोड़ दिया है। लगातार पांच बार अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड डीटीएफ के नाम है। डूटा के इतिहास में यह रिकॉर्ड अब तक किसी के नाम नहीं है। 

डूटा चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान समाप्त होने केबाद देर शाम मतगणना शुरू की गई। शनिवार तड़के चार बजे घोषित नतीजों में भाजपा समर्थित एनडीटीएफ के उम्मीदवार डॉ एके भागी अध्यक्ष चुन लिए गए। शुक्रवार तड़के आए चुनाव नतीजों में नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट(एनडीटीएफ) के दयाल सिंह कॉलेज में केमिस्ट्री के प्रोफेसर ए.के भागी ने वामपंथी समर्थक डीटीएफ की डॉ आभा देव को 1382 मतों केअंतर से हरा दिया। वर्ष 2019 में हुए चुनाव में डीटीएफ और एनडीटीएफ के बीच कांटे की टक्कर थी।इस चुनाव में डीटीए के डॉ राजीव रे ने डॉ भागी को 269 मतों से हराया था। चुनाव में कुल 9446 वोट थे, जिसमें से 7194 वोट पड़े। डॉ भागी को 3584 और डॉ आभा को 2202 मत मिले। इस चुनाव में कांग्रेस समर्थित शिक्षक संगठन डॉ प्रेमचंद को 832 मत व निर्दलीय शबाना आजमी को 263 मत प्राप्त हुए। वहीं इस चुनाव में 313 अवैध वोट पड़े। अभी तक अवैध वोट पडने का रिकॉर्ड 535 वोट का है।   

डॉ भागी पहले डीयू एक्जिक्यूटिव काउंसिल केसदस्य भी रह चुके हैं। डीयू शिक्षक संघ में 2019 में डॉ राजीब रे अध्यक्ष बने थे। उनसे पहले डीटीएफ की ही डॉ नंदिता नारायण, वर्ष 2013, वर्ष 2015 में अध्यक्ष बनी थी। वर्ष 2011 में डीटीएफ के ही डॉ अमरदेव अध्यक्ष बने थे। जबकि 2017 में भी डॉ राजीब रे अध्यक्ष बने थे। डूटा चुनाव इस बार त्रिकोणीय नहीं था। अध्यक्ष पद के लिए चार उम्मीदवार मैदान में होने के बाद भी कांटे का मुकाबला एनडीटीएफ और डीटीएफ केबीच ही था। चुनावों से पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि इस बार एनडीटीएफ का पलड़ा भारी है। और डॉ ए.केभागी चुनाव जीत सकते हैं।    

हमारा मुख्य फोकस तदर्थ शिक्षकों का नियमितीकरण कराना रहेगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ केनए अध्यक्ष डॉ एके भागी ने कहा कि शिक्षक समुदाय ने हम पर भरोसा जताया है। इस ऐतिहासिक जीत के लिए एनडीटीएफ अत्यंत आभारी है। एनडीटीएफ का प्रयास रहेगा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में वर्षों से लंबित पड़ी शिक्षकों की समस्याओं को हल करने का माध्यम डूटा बने। उन्होंने कहा कि डूटा संघर्ष केसाथ डीयू के अकादमिक और शोध केरसिस्टम में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। डूटा का मुख्य फोकस हजारों की संख्या में कार्यरथ तदर्थ शिक्षकों का वैधानिक प्रक्रिया केतहत नियमितीकरण कराना है। दिल्ली सरकार की द्वारा संचालित कॉलेजों के शिक्षकों को वेतन, प्रोफेसर स्तर तक सभी का कॉलेजों में प्रमोशन, शिक्षकों के हितों को हल कराना भी प्राथमिकता में रहेगा। हमारा प्रयास रहेगा कि संगठित होकर समस्याओं का समाधान करने वाले संगठन के रुप डूटा की पहचान बने।  

डूटा कार्यकारिणी परिणाम भी घोषित
दिल्ली विश्वविद्यालय में शुक्रवार को हुए दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) चुनाव में 15 सदस्यीय डूटा कार्यकारिणी के चुनाव परिणाम भी शनिवार को घोषित कर दिए गए। डूटा के लिए 15 सदस्यीय कार्यकारिणी में एनडीटीएफ केपांचों उम्मीदवार कमलेश कुमार रघुवंशी, लोके कुमारी खन्ना, महेंद्र मीणा, चमन सिंह ने चुनाव जीत लिया है। वहीं डीटीएफ के चार उम्मीदवार रुदाशीष चक्रवर्ती, जितेंद्र कुमार मीणा, वीएस दीक्षित, व नंदिता नारायण भी जीत गई हैं। वहीं एएडी के दो उम्मीदवार आनंद प्रकाश व अंजू जैन ही नतीजों में सफलता प्राप्त कर सके हैं। वहीं इंटेक के प्रदीप कुमार इंटेक आई के उदयबीर सिंह, और स्वतंत्र उम्मीदवार श्याम कुमार डूटा कार्यकारिणी में पहुंच गए हैं। एनडीटीएफ के कमशेल कुमार मीणा को सर्वाधिक 8793 वोट मिले हैं। दूसरे स्थान पर डीटीएफ की नंदिता नारायण को 7357 मत मिले हैं। 
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दिल्ली :  मकान मालिक की लाइसेंसी रिवॉल्वर से चली गोली, प्रॉपर्टी डीलर की मौत

कंझावला इलाके में शुक्रवार रात मकान मालिक की लाइसेंसी रिवाल्वर की गोली लगने से एक प्रॉपर्टी डीलर की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। घटनास्थल का मुआयना और मकान मालिक से पूछताछ के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस को शक है कि साजिश के तहत उसकी हत्या की गई है। जबकि मकान मालिक ने बताया कि दुर्घनावश चली गोली प्रॉपर्टी डीलर को लगी है। पुलिस मामले की छानबीन कर जांच में जुटी है। 

मृतक की शिनाख्त जोधपुर राजस्थान निवासी राजेश सिसोदिया(30) के रूप में हुई है। वह तीन चार परिचितों के साथ सालासर सुपर मार्केट कंझावला में किराए के मकान में रहता था और प्रॉपर्टी डीलिंग और फाइनेंस का काम करता था। शुक्रवार रात पुलिस को राजेश को गोली लगने की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। जहां पहली मंजिल पर राजेश का शव पड़ा था। उसके सीने पर गोली लगी थी। 

मौके पर पुलिस को मकान मालिक संजीत सहरावत मिला। जिसने पुलिस को बताया कि वह राजेश के साथ पहली मंजिल पर शराब पी रहा था। राजेश उसकी लाइसेंसी पिस्टल लेकर जांच करने लगा। इसी दौरान गोली चल गई और उसके सीने पर लग गई। छानबीन के दौरान पुलिस को संजीत का बयान संदिग्ध लगा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर हत्या का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राजेश के साथ रहने वाले अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। अभी इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। 
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Delhi School Reopen News: 29 नवंबर से फिर से खुलेंगे सभी स्कूल, मनीष सिसोदिया ने दी जानकारी

दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में हो रहे सुधार को देखते हुए दिल्ली में 29 नवंबर से सभी स्कूल खुल जाएंगे। दिल्ली सरकार ने बीते दिनों स्कूलों को सोमवार (29 नवंबर) से खोलने की बात कही थी। जिसके बाद शनिवार को शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को खोलने को लेकर निर्देश जारी कर दिए। स्कूलों को सभी कक्षाओं के लिए खोला जा रहा है।
 
शिक्षा निदेशालय ने अपने आदेश में सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, गैर सहायता प्राप्त, एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली छावनी बोर्ड के स्कूलों को सभी कक्षाओं के लिए फिर से खोलने के लिए कहा है। सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देशित किया है कि वह स्कूल दोबारा खोले जाने की जानकारी को सभी अभिभावकों, छात्रों व कर्मचारियों तक जरूर पहुंचाएं। बीते सप्ताह स्कूल खोले जाने की बात के बाद अभिभावकों ने चिंता जताई थी। दिल्ली पैरेंट्स एसोसिएशन ने इसे जल्दबाजी में लिया गया फैसला बताया था।
 
एसोसिएशन का तर्क था कि विदेशों में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही हैं, वहीं दिल्ली में प्रदूषण का स्तर भी खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है। ऐसे में सरकार को स्कूल खोलने का फैसला थोड़ा रुककर लेना चाहिए था। वहीं स्कूल बसों को लेकर भी अभिभावक चिंता जता रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि सरकार स्कूल बसों को चलाने पर कोई निर्णय तभी लेगी जब अभिभावक अपने बच्चों को फिर से स्कूल भेज पाएंगे। पहले स्कूल खुलने पर स्कूल बसें नहीं चलने के कारण अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने में परेशानी का सामना करना पड़ा था।
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