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Gorakhpur News: एम्स में नौकरी दिलाने के नाम पर 3.09 लाख की ठगी
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गोरखपुर। एम्स में एडमिन और सीनियर एडमिन पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक शातिर युवक ने महिला समेत 12 लोगों से 3.09 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपी विपिन कुमार मिश्रा ने खुद को एम्स का एचआर अधिकारी बताकर पहले लोगों का भरोसा जीता और बाद में फर्जी जॉइनिंग लेटर भेजकर उन्हें गुमराह करता रहा।
जब पीड़ितों ने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। मामले में एम्स थाने में आरोपी विपिन कुमार मिश्रा उर्फ नीरज मिश्रा के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है।
कोतवाली क्षेत्र के रायगंज निवासी प्रतिमा शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह मोहद्दीपुर स्थित रिलायंस ट्रेंड्स में सुपरवाइजर हैं। दो अप्रैल 2026 को ड्यूटी के दौरान उनकी मुलाकात विपिन कुमार मिश्रा से हुई। उसने खुद को एम्स का एचआर अधिकारी बताते हुए 30 हजार रुपये मासिक वेतन पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। छह अप्रैल को आरोपी ने प्रतिमा को एम्स गेट पर बुलाकर दस्तावेज लिए और 14 अप्रैल को एम्स परिसर की एक इमारत में दस्तावेज सत्यापन शुल्क के नाम पर 30 हजार रुपये जमा करा लिए। इस दौरान उसने एक अन्य व्यक्ति को एम्स का वरिष्ठ अधिकारी बताकर परिचय भी कराया। इसके बाद आरोपी ने प्रतिमा के माध्यम से अन्य लोगों से संपर्क किया और अलग-अलग खातों में यूपीआई के जरिये कुल 3.09 लाख रुपये जमा करा लिए। पीड़ितों में अमित तिवारी, स्नेहा शर्मा, अमित राव, हर्ष पांडेय, अंशुमान शर्मा, प्रमोद जायसवाल, अभिषेक मिश्रा, उमाशंकर शर्मा, मुख्तार अली, मंजीत शर्मा, अमन तिवारी और अनुराग ठाकुर शामिल हैं।
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भेजा था फर्जी नियुक्ति पत्र
आरोपी ने पहले एक मई और फिर 22 मई को जॉइनिंग का भरोसा दिया। बाद में व्हाट्सएप पर फर्जी नियुक्ति पत्र भेजकर कई लोगों को एडमिन, सीनियर एडमिन, रिसेप्शनिस्ट और ऑपरेशन विभाग में नियुक्त दिखाया। काफी समय बीतने के बाद भी नियुक्ति न होने पर जब प्रतिमा ने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने धमकी देते हुए पुलिस में शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। पीड़िता ने आरोपी के मोबाइल नंबर, उसकी पत्नी की जानकारी और फेसबुक प्रोफाइल पुलिस को उपलब्ध कराई है। सीओ कैंट केएन आनंद ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। बैंक खातों के लेन-देन, मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच जारी है।
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जब पीड़ितों ने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। मामले में एम्स थाने में आरोपी विपिन कुमार मिश्रा उर्फ नीरज मिश्रा के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है।
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कोतवाली क्षेत्र के रायगंज निवासी प्रतिमा शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह मोहद्दीपुर स्थित रिलायंस ट्रेंड्स में सुपरवाइजर हैं। दो अप्रैल 2026 को ड्यूटी के दौरान उनकी मुलाकात विपिन कुमार मिश्रा से हुई। उसने खुद को एम्स का एचआर अधिकारी बताते हुए 30 हजार रुपये मासिक वेतन पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। छह अप्रैल को आरोपी ने प्रतिमा को एम्स गेट पर बुलाकर दस्तावेज लिए और 14 अप्रैल को एम्स परिसर की एक इमारत में दस्तावेज सत्यापन शुल्क के नाम पर 30 हजार रुपये जमा करा लिए। इस दौरान उसने एक अन्य व्यक्ति को एम्स का वरिष्ठ अधिकारी बताकर परिचय भी कराया। इसके बाद आरोपी ने प्रतिमा के माध्यम से अन्य लोगों से संपर्क किया और अलग-अलग खातों में यूपीआई के जरिये कुल 3.09 लाख रुपये जमा करा लिए। पीड़ितों में अमित तिवारी, स्नेहा शर्मा, अमित राव, हर्ष पांडेय, अंशुमान शर्मा, प्रमोद जायसवाल, अभिषेक मिश्रा, उमाशंकर शर्मा, मुख्तार अली, मंजीत शर्मा, अमन तिवारी और अनुराग ठाकुर शामिल हैं।
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भेजा था फर्जी नियुक्ति पत्र
आरोपी ने पहले एक मई और फिर 22 मई को जॉइनिंग का भरोसा दिया। बाद में व्हाट्सएप पर फर्जी नियुक्ति पत्र भेजकर कई लोगों को एडमिन, सीनियर एडमिन, रिसेप्शनिस्ट और ऑपरेशन विभाग में नियुक्त दिखाया। काफी समय बीतने के बाद भी नियुक्ति न होने पर जब प्रतिमा ने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने धमकी देते हुए पुलिस में शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। पीड़िता ने आरोपी के मोबाइल नंबर, उसकी पत्नी की जानकारी और फेसबुक प्रोफाइल पुलिस को उपलब्ध कराई है। सीओ कैंट केएन आनंद ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। बैंक खातों के लेन-देन, मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच जारी है।