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Gorakhpur News: 50 छात्र भेजे गए घर, छात्रों से मिलने पर रोक
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पीपीगंज नवोदय विद्यालय में भोजन विवाद का मामला
- भोजन की गुणवत्ता पर नाराज छात्रों पर की गई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
भरोहिया। पीपीगंज क्षेत्र स्थित पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में भोजन की गुणवत्ता को लेकर विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। हाल ही में मेस के खाने को लेकर छात्रों की नाराजगी सामने आई, जिसके बाद विद्यालय प्रशासन ने अनुशासनहीनता का हवाला देते हुए लगभग 50 छात्रों को एक सप्ताह के लिए घर भेज दिया। वहीं, अन्य छात्रों से मिलने पर रोक लगा दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद कई अभिभावक, सामाजिक कार्यकर्ता छात्रों से बात करने और उनकी समस्याओं को जानने के लिए विद्यालय पहुंचे। लेकिन प्रशासन ने किसी को भी छात्रों से मिलने या उनसे बातचीत करने की अनुमति नहीं दी। छात्रों की नाराजगी केवल एक दिन के भोजन तक सीमित नहीं थी। लंबे समय से मेस में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता को लेकर वे असंतुष्ट थे। बार-बार शिकायत करने के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई, जिससे आक्रोश फूट पड़ा। अभिभावकों का कहना है कि भोजन की गुणवत्ता और मेस व्यवस्था की जांच किए बिना छात्रों पर कार्रवाई करना अनुचित है। अगर सभी व्यवस्थाएं ठीक हैं, तो अभिभावकों से बच क्यों रहा है। प्रधानाचार्य संजीव सक्सेना ने इस मामले में किसी प्रकार का आधिकारिक बयान देने से मना कर दिया। वहीं इस संबंध में पीपीगंज थानाप्रभारी अरुण सिंह ने कहा कि किसी प्रकार की शिकायती पत्र अब तक नहीं मिला है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
भरोहिया। पीपीगंज क्षेत्र स्थित पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में भोजन की गुणवत्ता को लेकर विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। हाल ही में मेस के खाने को लेकर छात्रों की नाराजगी सामने आई, जिसके बाद विद्यालय प्रशासन ने अनुशासनहीनता का हवाला देते हुए लगभग 50 छात्रों को एक सप्ताह के लिए घर भेज दिया। वहीं, अन्य छात्रों से मिलने पर रोक लगा दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद कई अभिभावक, सामाजिक कार्यकर्ता छात्रों से बात करने और उनकी समस्याओं को जानने के लिए विद्यालय पहुंचे। लेकिन प्रशासन ने किसी को भी छात्रों से मिलने या उनसे बातचीत करने की अनुमति नहीं दी। छात्रों की नाराजगी केवल एक दिन के भोजन तक सीमित नहीं थी। लंबे समय से मेस में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता को लेकर वे असंतुष्ट थे। बार-बार शिकायत करने के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई, जिससे आक्रोश फूट पड़ा। अभिभावकों का कहना है कि भोजन की गुणवत्ता और मेस व्यवस्था की जांच किए बिना छात्रों पर कार्रवाई करना अनुचित है। अगर सभी व्यवस्थाएं ठीक हैं, तो अभिभावकों से बच क्यों रहा है। प्रधानाचार्य संजीव सक्सेना ने इस मामले में किसी प्रकार का आधिकारिक बयान देने से मना कर दिया। वहीं इस संबंध में पीपीगंज थानाप्रभारी अरुण सिंह ने कहा कि किसी प्रकार की शिकायती पत्र अब तक नहीं मिला है।
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