सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   A needle entered the child's eye, he lost his vision...BRD doctor saved his sight

Gorakhpur News: मासूम की आंख में घुस गई सुई, दिखना बंद...बीआरडी के डॉक्टर ने बचा ली रोशनी

अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Thu, 29 Jan 2026 12:29 AM IST
विज्ञापन
सार

बस्ती के कुदहरा ब्लॉक स्थित कौलपुर उर्फ चैनपुर गांव निवासी सुनील यादव 108 एंबुलेंस में चालक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 29 दिसंबर को घर पर खेलते समय पुत्र शिवांश की आंख में सुई घुस गई। उसे दिखाई देना भी बंद हो गया। कई जगह दिखाने पर भी ठीक नहीं हुआ। इंफेक्शन बढ़ने लगा तो कई डॉक्टरों को दिखाया पर समस्या दूर नहीं हुई। फिर उन्होंने मेडिकल कॉलेज में डॉ. पंकज सोनी को दिखाया तो पुतली में छेद की जानकारी हुई।

A needle entered the child's eye, he lost his vision...BRD doctor saved his sight
बच्चे के आंख में घुस गई थी सुई, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बचाई जान, इसीबच्चे
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

भाई के साथ खेलते समय कक्षा तीन के छात्र शिवांश (8) की आंख में सूई घुस गई। पुतली में छेद होने से उसे दिखाई देना बंद हो गया। कई जगह उपचार हुआ लेकिन सुधार नहीं हुआ। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज सोनी ने उसके आंखों की रोशनी बचा ली। बच्चे की पुतली को कैप्सूल से अलग कर उसमें लेंस लगाया। इस विधि में न चीरा और न ही टांगा लगाना पड़ा।

Trending Videos


बस्ती के कुदहरा ब्लॉक स्थित कौलपुर उर्फ चैनपुर गांव निवासी सुनील यादव 108 एंबुलेंस में चालक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 29 दिसंबर को घर पर खेलते समय पुत्र शिवांश की आंख में सुई घुस गई। उसे दिखाई देना भी बंद हो गया। कई जगह दिखाने पर भी ठीक नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


इंफेक्शन बढ़ने लगा तो कई डॉक्टरों को दिखाया पर समस्या दूर नहीं हुई। फिर उन्होंने मेडिकल कॉलेज में डॉ. पंकज सोनी को दिखाया तो पुतली में छेद की जानकारी हुई। डॉ. सोनी ने इंफेक्शन रोकने के लिए दवाएं दीं और आंख के अंदर बने लीकेज को बंद किया।

डॉ. पंकज सोनी ने बताया कि पांच जनवरी को अपनी टीम के साथ शिवांश को बेहोश कर ऑपरेशन किया, जिसमें पुतली को कैप्सूल से अलग कर उसमें लेंस लगाया गया। यह अत्याधुनिक सर्जरी फेको मशीन से की गई, जिसमें न चीरा लगाया गया और न ही टांके लगे।

ऑपरेशन के एक सप्ताह बाद शिवांश पूरी तरह स्वस्थ हो गया है। उसे अब साफ दिखाई देता है। पिता ने बताया कि एक समय तो उन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी लेकिन बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बेटे की आंख की रोशनी बचा ली गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed