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नियम बदला, कमाई बढ़ी: शादी-निकाह ही नहीं पंजीकरण में भी कमाई...मौलवी-पंडित दे रही गवाही- अब तक 142 मामले
Sun, 19 Jul 2026 02:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
राजन राय, गोरखपुर
राजन राय, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jul 2026 02:51 AM IST
सार
निबंधन कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, नए नियम के बाद अब तक जिले में कुल 732 शादी और निकाह का पंजीकरण हुआ है। इसमें 142 में पंडित जी और मौलवी गवाह बने हैं। निबंधन कार्यालय प्रथम में में 97 और द्वितीय में 45 विवाह व निकाह का पंजीकरण कराकर पंडित जी और मौलवी ने गवाही दी है।
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विवाह (गवाही देकर पंडित-मौलवी की भी अब हो रही कमाई)
- फोटो : ANI
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विस्तार
अब कोर्ट-कचहरी सिर्फ वकीलों और वेंडरों की कमाई नहीं हो रही बल्कि पंडित जी और मौलवी के लिए भी आय का नया जरिया बना है। शादी-निकाह के अलावा अब विवाह पंजीकरण कराने में भी पंडित-मौलवी गवाही देकर कमाई कर रहे हैं। रोजगार की संभावना देख कई पंडित कचहरी में रोजाना समय भी देने लगे हैं।
यूपी में विवाह पंजीकरण के नियमों में हुए बदलाव के बाद 142 शादी और निकाह के मामलों में पंडित और मौलवी ने गवाही दी है। खास बात यह है कि इस पेशे में करीब 40 से 50 वकील आ गए हैं। इनमें कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने 30 से 35 शादियां कराई हैं।
निबंधन कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, नए नियम के बाद अब तक जिले में कुल 732 शादी और निकाह का पंजीकरण हुआ है। इसमें 142 में पंडित जी और मौलवी गवाह बने हैं। निबंधन कार्यालय प्रथम में में 97 और द्वितीय में 45 विवाह व निकाह का पंजीकरण कराकर पंडित जी और मौलवी ने गवाही दी है।
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सबसे ज्यादा पंडित अरविंद ने 34 विवाह पंजीकरण में गवाही दी है। वे कहते हैं, विवाह की रस्म पूरी कराकर गवाही दे देते हैं। नए नियम लागू होने से कुछ कमाई तो बढ़ी ही है।
आय का नया जरिया बना है
विवाह पंजीकरण में हम लोगों की गवाही मान्य होने से निश्चित ही रोजगार के अवसर बढ़े हैं। कुछ लोग यह काम कराने लगे हैं, इससे उन्हें अच्छी दक्षिणा भी मिल जाती है: पंडित आनंद मिश्रा
यह एक अच्छा अवसर मिला
विवाह पंजीकरण के मामले में पहले पंडित को कोई बुलाता नहीं था। हमारा काम बस शादी के लिए ही था। अब पंजीकरण के लिए बकायदा फोन करके लोग संपर्क करते हैं:पंडित रवींद्र त्रिपाठी
नए नियम आने के बाद पंडित और मौलवी गवाही देने के लिए आ रहे हैं। उनसे शादी या निकाह की फोटो और वीडियो लिया जा रहा है। अभी तक शादी और निकाह के ही मामले आए हैं। कुछ पंडित ऐसे भी जिन्होंने 30 से 35 शादियों में गवाही दी है: रजत श्रेष्ठ, सब रजिस्टार
आप भी जानें, क्या है नया नियम
छह जून 2025 को उत्तर प्रदेश सरकार ने विवाह पंजीकरण के नियमों में बदलाव लागू किया था।। नए नियमों के अनुसार, विवाह पंजीकरण के समय अगर परिवार में दोनों पक्षों से माता-पिता, नाना-नानी, दादा-दादी या भाई बहन गवाह नहीं बने हैं तो शादी कराने वाले पुरोहित (पंडित जी) या निकाह कराने वाले मौलवी को गवाह के रूप में उपस्थित होना होगा। इसके साथ ही अगर वर-वधू दोनों पक्षों के लोगों की सहमति नहीं होती है या एक पक्ष की सहमति है तो भी शादी के पंजीकरण के लिए पुरोहित या मौलवी की गवाही मान्य होगी।
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शपथ पत्र में देनी होगी ये जानकारियां
- शादी कराने वाले पंडित/ मौलवी/ फादर का पूरा नाम
- पिता का नाम
- स्थायी पता
- आधार कार्ड नंबर
- मोबाइल नंबर
- नई फोटो
- वैवाहिक कार्यक्रम की वीडियो रिकाॅर्डिंग
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यूपी में विवाह पंजीकरण के नियमों में हुए बदलाव के बाद 142 शादी और निकाह के मामलों में पंडित और मौलवी ने गवाही दी है। खास बात यह है कि इस पेशे में करीब 40 से 50 वकील आ गए हैं। इनमें कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने 30 से 35 शादियां कराई हैं।
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निबंधन कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, नए नियम के बाद अब तक जिले में कुल 732 शादी और निकाह का पंजीकरण हुआ है। इसमें 142 में पंडित जी और मौलवी गवाह बने हैं। निबंधन कार्यालय प्रथम में में 97 और द्वितीय में 45 विवाह व निकाह का पंजीकरण कराकर पंडित जी और मौलवी ने गवाही दी है।
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सबसे ज्यादा पंडित अरविंद ने 34 विवाह पंजीकरण में गवाही दी है। वे कहते हैं, विवाह की रस्म पूरी कराकर गवाही दे देते हैं। नए नियम लागू होने से कुछ कमाई तो बढ़ी ही है।
आय का नया जरिया बना है
विवाह पंजीकरण में हम लोगों की गवाही मान्य होने से निश्चित ही रोजगार के अवसर बढ़े हैं। कुछ लोग यह काम कराने लगे हैं, इससे उन्हें अच्छी दक्षिणा भी मिल जाती है: पंडित आनंद मिश्रा
यह एक अच्छा अवसर मिला
विवाह पंजीकरण के मामले में पहले पंडित को कोई बुलाता नहीं था। हमारा काम बस शादी के लिए ही था। अब पंजीकरण के लिए बकायदा फोन करके लोग संपर्क करते हैं:पंडित रवींद्र त्रिपाठी
नए नियम आने के बाद पंडित और मौलवी गवाही देने के लिए आ रहे हैं। उनसे शादी या निकाह की फोटो और वीडियो लिया जा रहा है। अभी तक शादी और निकाह के ही मामले आए हैं। कुछ पंडित ऐसे भी जिन्होंने 30 से 35 शादियों में गवाही दी है: रजत श्रेष्ठ, सब रजिस्टार
आप भी जानें, क्या है नया नियम
छह जून 2025 को उत्तर प्रदेश सरकार ने विवाह पंजीकरण के नियमों में बदलाव लागू किया था।। नए नियमों के अनुसार, विवाह पंजीकरण के समय अगर परिवार में दोनों पक्षों से माता-पिता, नाना-नानी, दादा-दादी या भाई बहन गवाह नहीं बने हैं तो शादी कराने वाले पुरोहित (पंडित जी) या निकाह कराने वाले मौलवी को गवाह के रूप में उपस्थित होना होगा। इसके साथ ही अगर वर-वधू दोनों पक्षों के लोगों की सहमति नहीं होती है या एक पक्ष की सहमति है तो भी शादी के पंजीकरण के लिए पुरोहित या मौलवी की गवाही मान्य होगी।
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शपथ पत्र में देनी होगी ये जानकारियां
- शादी कराने वाले पंडित/ मौलवी/ फादर का पूरा नाम
- पिता का नाम
- स्थायी पता
- आधार कार्ड नंबर
- मोबाइल नंबर
- नई फोटो
- वैवाहिक कार्यक्रम की वीडियो रिकाॅर्डिंग