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जिला कारागार में मिला शव: 17 दिन पहले न्यायिक हिरासत में आया था बंदी, गमछे के फंदे से लटक कर जान दी
Sun, 19 Jul 2026 02:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jul 2026 02:54 AM IST
सार
शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे ड्यूटी पर तैनात जेलकर्मियों ने बैरक नंबर 24 में शौकत का शव लटकता देखा। इसकी जानकारी तत्काल जेल प्रशासन को दी गई। मौके पर पहुंची फील्ड यूनिट ने जांच की और शव को नीचे उतारकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कराई गई।
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जिला कारागार, गोरखपुर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
जिला कारागार में एक विचाराधीन बंदी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बंदी का शव बैरक नंबर 24 में सीढ़ी के सबसे ऊपरी लोहे के दरवाजे की हैंडल में गमछे के सहारे लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना पर फॉरेंसिक टीम संग मौके पर पहुंची शाहपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की पुष्टि हुई है।
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कुशीनगर जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के चांदनी चौक ईदगाह रोड निवासी मंजूर हुसैन के बेटे शौकत अफरोज उर्फ राजू (28) को गोरखपुर जीआरपी ने रेलवे के सामान चोरी और चोरी का सामान खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया था। कोर्ट में पेश करने के बाद 30 जून को उसे जिला कारागार भेजा गया था।
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शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे ड्यूटी पर तैनात जेलकर्मियों ने बैरक नंबर 24 में शौकत का शव लटकता देखा। इसकी जानकारी तत्काल जेल प्रशासन को दी गई। मौके पर पहुंची फील्ड यूनिट ने जांच की और शव को नीचे उतारकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कराई गई।
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जेल प्रशासन के अनुसार, बंदी के खिलाफ जीआरपी गोरखपुर में चोरी की संपत्ति रखने और आदतन चोरी का सामान खरीदने या बेचने के तहत प्राथमिकी दर्ज थी। आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस और जेल प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं।
शनिवार को मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि बंदी ने जेल में आत्महत्या की थी। जांच के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिजन शव को लेकर गृह जनपद रवाना हो गए।