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Gorakhpur News: तापमान में उतार-चढ़ाव से लोग हो रहे बीमार, अस्पतालों में भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 30 Mar 2026 02:44 AM IST
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- इस मौसम में 24 से 48 घंटे में होता है बैक्टीरिया का इंफेक्शन
- खाने में खराबी के चलते फूड प्वाइजनिंग की आशंका
गोरखपुर। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। दिन में तेज गर्मी और रात में हल्की ठंड के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं। शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ने लगा है।
डॉक्टरों के अनुसार, इस समय सबसे ज्यादा मरीज सर्दी-जुकाम, बुखार, गले में संक्रमण, उल्टी-दस्त और फूड प्वाइजनिंग जैसी समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। बदलते मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे बैक्टीरिया और वायरस तेजी से हमला करते हैं। खास बात यह है कि इस मौसम में 24 से 48 घंटे के भीतर ही बैक्टीरिया का संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डाॅ. बीके सुमन ने बताया कि कई मामलों में मरीज लापरवाही के चलते बीमारी को गंभीर बना रहे हैं। हल्के लक्षणों को नजरअंदाज करने के कारण संक्रमण बढ़ जाता है और इलाज में अधिक समय लगता है। तापमान के उतार-चढ़ाव के साथ-साथ खानपान में गड़बड़ी भी बीमारियों की एक बड़ी वजह बन रही है। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ, बासी खाना और अस्वच्छ पानी का सेवन फूड प्वाइजनिंग का खतरा बढ़ा रहा है। ऐसे मामलों में मरीजों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी की शिकायत हो रही है।
एम्स के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रेयश ने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि उनकी इम्युनिटी अपेक्षाकृत कमजोर होती है। मौसम के अनुसार कपड़े पहनें, ठंडा-गर्म खाने से बचें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। बाहर का खाना कम से कम खाएं और केवल ताजा व घर का बना भोजन ही लें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और हाथों की स्वच्छता बनाए रखना भी जरूरी है।
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- खाने में खराबी के चलते फूड प्वाइजनिंग की आशंका
गोरखपुर। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। दिन में तेज गर्मी और रात में हल्की ठंड के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं। शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ने लगा है।
डॉक्टरों के अनुसार, इस समय सबसे ज्यादा मरीज सर्दी-जुकाम, बुखार, गले में संक्रमण, उल्टी-दस्त और फूड प्वाइजनिंग जैसी समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। बदलते मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे बैक्टीरिया और वायरस तेजी से हमला करते हैं। खास बात यह है कि इस मौसम में 24 से 48 घंटे के भीतर ही बैक्टीरिया का संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन डाॅ. बीके सुमन ने बताया कि कई मामलों में मरीज लापरवाही के चलते बीमारी को गंभीर बना रहे हैं। हल्के लक्षणों को नजरअंदाज करने के कारण संक्रमण बढ़ जाता है और इलाज में अधिक समय लगता है। तापमान के उतार-चढ़ाव के साथ-साथ खानपान में गड़बड़ी भी बीमारियों की एक बड़ी वजह बन रही है। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ, बासी खाना और अस्वच्छ पानी का सेवन फूड प्वाइजनिंग का खतरा बढ़ा रहा है। ऐसे मामलों में मरीजों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी की शिकायत हो रही है।
एम्स के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रेयश ने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि उनकी इम्युनिटी अपेक्षाकृत कमजोर होती है। मौसम के अनुसार कपड़े पहनें, ठंडा-गर्म खाने से बचें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। बाहर का खाना कम से कम खाएं और केवल ताजा व घर का बना भोजन ही लें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और हाथों की स्वच्छता बनाए रखना भी जरूरी है।