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Gorakhpur News: 70 से अधिक बच्चों का भविष्य अधर में..स्कूल हो गया बंद
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 30 Mar 2026 02:47 AM IST
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गोरखपुर। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत एक स्कूल में प्रवेश पाने वाले 70 से अधिक बच्चों के भविष्य पर संकट गहरा गया है। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर नियमों की अनदेखी और बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
अभिभावकों ने बताया कि मार्च 2025 में उनके बच्चों का निशुल्क प्रवेश जटाशंकर के निकट स्थित एक स्कूल में आरटीई के तहत हुआ था। बाद में स्कूल का नाम बदल दिया गया लेकिन बच्चों की पढ़ाई उसी व्यवस्था में जारी रही। अब स्कूल प्रबंधन की ओर से अभिभावकों से कहा जा रहा है वह स्कूल बंद हो गया है। बच्चों का दाखिला दूसरे स्कूल में करा लें या फीस देकर पढ़ाई जारी रखें। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि एक वर्ष तक पढ़ाने के बाद अचानक निशुल्क शिक्षा बंद करने की चेतावनी देना बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है।
इस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी धीरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पहले ही शिकायत के आधार पर जांच कराई गई थी। जिला प्रशासन की ओर से भी जांच पड़ताल की गई थी। इस समय प्रबंधक ने स्कूल बंद कर दिया है। उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। निर्देश मिलते ही बच्चों का प्रवेश दूसरे स्कूलों में करा दिया जाएगा।
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अभिभावकों ने बताया कि मार्च 2025 में उनके बच्चों का निशुल्क प्रवेश जटाशंकर के निकट स्थित एक स्कूल में आरटीई के तहत हुआ था। बाद में स्कूल का नाम बदल दिया गया लेकिन बच्चों की पढ़ाई उसी व्यवस्था में जारी रही। अब स्कूल प्रबंधन की ओर से अभिभावकों से कहा जा रहा है वह स्कूल बंद हो गया है। बच्चों का दाखिला दूसरे स्कूल में करा लें या फीस देकर पढ़ाई जारी रखें। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि एक वर्ष तक पढ़ाने के बाद अचानक निशुल्क शिक्षा बंद करने की चेतावनी देना बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है।
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इस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी धीरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पहले ही शिकायत के आधार पर जांच कराई गई थी। जिला प्रशासन की ओर से भी जांच पड़ताल की गई थी। इस समय प्रबंधक ने स्कूल बंद कर दिया है। उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। निर्देश मिलते ही बच्चों का प्रवेश दूसरे स्कूलों में करा दिया जाएगा।