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UP Election 2022: सीएम योगी के सामने चुनाव में उतरकर चंद्रशेखर ने खेला गलत दांव, अब संकट में राजनीतिक जीवन
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 11 Mar 2022 08:17 PM IST
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सार
जानकार बोले, पहले ही चुनाव में योगी के सामने उतरकर गलत दांव खेला, महज साढ़े सात हजार वोट मिले, जमानत भी नहीं बची।
चंद्रशेखर आजाद।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
अनुसूचित जाति के दम पर राजनीतिक फलक पर नाम चमकाने की कोशिश में लगे चंद्रशेखर आजाद का गोरखपुर से चुनाव लड़ने का दांव उलटा पड़ गया। उन्हें महज साढ़े सात हजार वोट मिले हैं। जानकार मानने लगे हैं कि उनका गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने चुनाव मैदान में उतरने का फैसला गलत था। ऐसा करके उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन को संकट में डाल दिया।
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चंद्रशेखर आजाद अगर सहारनपुर या किसी भी ऐसे क्षेत्र से लड़ते, जहां पर उनका जनाधार था तो सम्मानजनक स्थिति में हो सकते थे। पहले ही चुनाव में जमानत भी न बचा पाने से आगे की राजनीति में उन्हें कोई गंभीरता से लेगा, यह बड़ा सवाल है।
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दरअसल, गोरखपुर से भाजपा ने जैसे ही मुख्यमंत्री योगी के नाम की घोषणा की, वैसे ही आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर ने चुनाव लड़ने का एलान कर दिया। जबकि, गोरखपुर से न तो उनका कोई लेनादेना था, न ही उनका कार्यक्षेत्र यहां रहा है। चुनाव से पहले वह बेहतर प्रदर्शन करने का दम भरते रहे। मतगणना के बाद गोरखपुर में उनकी राजनीतिक हैसियत सामने आ गई।
भाजयुमो के पूर्व प्रदेश महामंत्री योगेश प्रताप सिंह कहते हैं कि चुनाव प्रचार के दौरान चंद्रशेखर जितनी बार गोरखपुर आए, उतनी बार खुद को सुर्खियों में लाने की कोशिश करते रहे, लेकिन सफल नहीं हो सके। गोरखपुर की जनता से उन्हें सिरे से नकार दिया।
राजनीति की समझ रखने वाले दवा व्यापारी अरुण बंका, मनीष रूंगटा, अमित सिंहानिया, नारायण खेमका कहते हैं कि किसी को भी चुनाव में भाग्य वहीं आजमाना चाहिए, जहां उसका कार्यक्षेत्र हो। चंद्रशेखर जहां पर काम करते थे, वहां से लड़े होते तो शायद सम्मानजक स्थिति होती।