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Gorakhpur News: सरकारी योजनाओं के लाभ का झांसा देकर म्यूल खाते खुलवाए, तीन गिरफ्तार
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गोरखपुर। तिवारीपुर पुलिस ने सरकारी योजनाओं के लाभ का झांसा देकर बैंक खाता खुलवाने और फिर उनके जरिये साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में म्यूल खातों के जरिये करीब तीन करोड़ रुपये के लेनदेन की पुष्टि हुई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तिवारीपुर थाना क्षेत्र के जाफरा बाजार निवासी समसुल हक उर्फ शब्बू उर्फ रेयान, दाउदचक घोसीपुर निवासी सारिक अनवर और पिपरापुर निवासी सारिम के रूप में हुई। जाफरा बाजार निवासी असद ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह डिलीवरी बॉय का काम करते थे। इसमें उन्हें सात से आठ हजार रुपये ही मिलते थे। आरोप लगाया कि वर्ष 2025 की शुरुआत में उनकी मुलाकात समसुल हक, सारिक और सारिम से हुई थी। तीनों ने उन्हें गरीब कल्याण योजना के लाभ का झांसा देकर बताया कि बैंक खाता खुलवाने पर हर महीने दो हजार रुपये सरकार की ओर से मिलेंगे।
आरोपियों ने झांसे में आए असद का खाता इंडियन ओवरसीज बैंक में खुलवा दिया। आरोपियों ने खाते से जुड़े एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक अपने पास रख लिए। शुरुआत में उन्हें कुछ हजार रुपये दिए गए लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया। कुछ समय बाद बैंक से सूचना मिली कि उनके खाते में साइबर अपराध से जुड़े भारी लेनदेन हुए हैं। जांच कराने पर लगभग तीन करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन की पुष्टि हुई।
पीड़ित ने विरोध किया तो आरोपियों ने उन्हें धमकाया। इसके बाद उन्होंने तिवारीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी गिरोह के रूप में काम कर रहे थे और लोगों को लालच देकर उनके नाम पर खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम का लेनदेन करते थे।
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे पूछताछ में अन्य खातों की जानकारी भी मिली है, जिनकी जांच की जा रही है। पूरे नेटवर्क का जल्द पर्दाफाश किया जाएगा।
- ओंकार दत्त तिवारी, सीओ कोतवाली
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तिवारीपुर थाना क्षेत्र के जाफरा बाजार निवासी समसुल हक उर्फ शब्बू उर्फ रेयान, दाउदचक घोसीपुर निवासी सारिक अनवर और पिपरापुर निवासी सारिम के रूप में हुई। जाफरा बाजार निवासी असद ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह डिलीवरी बॉय का काम करते थे। इसमें उन्हें सात से आठ हजार रुपये ही मिलते थे। आरोप लगाया कि वर्ष 2025 की शुरुआत में उनकी मुलाकात समसुल हक, सारिक और सारिम से हुई थी। तीनों ने उन्हें गरीब कल्याण योजना के लाभ का झांसा देकर बताया कि बैंक खाता खुलवाने पर हर महीने दो हजार रुपये सरकार की ओर से मिलेंगे।
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आरोपियों ने झांसे में आए असद का खाता इंडियन ओवरसीज बैंक में खुलवा दिया। आरोपियों ने खाते से जुड़े एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक अपने पास रख लिए। शुरुआत में उन्हें कुछ हजार रुपये दिए गए लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया। कुछ समय बाद बैंक से सूचना मिली कि उनके खाते में साइबर अपराध से जुड़े भारी लेनदेन हुए हैं। जांच कराने पर लगभग तीन करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन की पुष्टि हुई।
पीड़ित ने विरोध किया तो आरोपियों ने उन्हें धमकाया। इसके बाद उन्होंने तिवारीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी गिरोह के रूप में काम कर रहे थे और लोगों को लालच देकर उनके नाम पर खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम का लेनदेन करते थे।
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे पूछताछ में अन्य खातों की जानकारी भी मिली है, जिनकी जांच की जा रही है। पूरे नेटवर्क का जल्द पर्दाफाश किया जाएगा।
- ओंकार दत्त तिवारी, सीओ कोतवाली